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Question
योग्यरूपं योजयत।
मयूरस्य ______ दीर्घा। (चञ्चु)
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Solution
मयूरस्य चञ्चु दीर्घा।
RELATED QUESTIONS
सन्धिविग्रहं कुरुत।
त्यजेत्सुखम् = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
चानृतम् = ______
सन्धिं कुरुत।
पशुभिः + तुल्यम् = ______
सन्धिं कुरुत।
किम् + नु = ______
सन्धिं कुरुत।
शशवत् + च = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सोऽपि = ______ + अपि।
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
अध्यापकः - ______
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
बोद्धव्याः - ______
वर्णविग्रहं कुरुत।
पादतलौ - ______
विशेषण-विशेष्य-सम्बन्धः।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| पादतलौ | सतेजः |
| अभ्यासः | मलिनम् |
| मनः | आर्द्रौ |
| शरीरम् | उत्तमः |
समानार्थकशब्दयुग्मं चिनुत।
मृद् - ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
अमरकोषः संस्कृतशब्दानां सङ्ग्रहग्रन्थः।
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
प्रयोगः - ______
सन्धिं कुरुत।
तव + अपि (अ + अ) = ______
सन्धिं कुरुत।
अपि + अस्ति (इ + अ) = ______
श्लोकात् षष्ठयन्तपदानि चिनुत लिखत च।
अधोदत्तं वाक्यं श्लोकस्थ-समानार्थक -शब्दैः पुनः लिखत।
हरिणः शष्पाणि भक्षयति तथापि व्याधः तस्य शत्रुः भवति।
अधोदत्तं वाक्यं श्लोकस्थ-समानार्थक-शब्दैः पुनः लिखत।
सत्पुरुषः निःस्पृहः वर्तते तथापि दुर्जनः तस्य अरिः भवति।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
त्वं निद्रागमे निद्रासि।
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
शष्पम् - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
ततोऽहम् = ______
वर्णविग्रहं कुरुत।
रूपाढ्याम् - ______
सूचनानुसार वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
बालकस्य सोमशर्मा इति नाम करिष्यामि। (कर्तृपदस्थाने 'सः' योजयत।)
समानार्थकशब्दं लिखत।
कृपणः - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
अश्वः - ______
समस्तपदं कुरुत।
लगुडस्य प्रहारः - ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
व्याधेन क्रौञ्चः बाणेन विद्धः।
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
वाल्मीकिः = ______
विशेषण-विशेष्य-मेलनं कुरुत।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| सहचरः | पोषितौ |
| विलापः | अश्रुतपूर्वा |
| कुशलवौ | करुणः |
| वाणी | निश्चेष्टः |
पूर्वकालवाचकयोः उपयोगं कृत्वा दीर्घ वाक्यं कुरुत।

मर्कटः वृक्षात् ______ पेटिकां ______ टोपिकां ______ मस्तके ______ वृक्षम् आरोहति।
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
भीमं (हन्) दुर्योधनः कपटम् अकरोत्।
भवान्/भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवत्यः पाकं पचन्तु।
यणसन्धिः।
इ/ई + विजातीयः स्वरः = य्।
करोमि + ______ = करोम्यहम्।
यणसन्धिः।
उ/ऊ + विजातीयः स्वरः = व्।
मनु + ______ = मन्वन्तरम्।
यणसन्धिः।
ऋ/ॠ + विजातीयः स्वरः = र्।
______ + आज्ञा = पित्राज्ञा।
विशेषण-विशेष्ययोः युग्मं पूरयत।
| पुंलिङ्गम् | स्त्रीलिङ्गम् | नपुंसकलिङ्गम् | विभक्तिः |
| पवित्रः जलाशयः | (पवित्र) नदी | (पवित्र) गङ्गाजलम् | प्रथमा |
| (नूतन) मण्डपम् | नूतनां भाषाम् | (नूतन) मन्दिरम् | द्वितीया |
| समृद्धेन (कोष) | (समृद्ध) परम्परया | समृद्धेन (नगर) | तृतीया |
| (कोमल) स्वभावाय | कोमलायै (लता) | (कोमल) पुष्पाय | चतुर्थी |
| प्राधीनात् (उपाय) | (पराधीना) बुद्ध्याः | (पराधीन) जीवनात् | पञ्चमी |
| (उत्तम) पुरुषस्य | उत्तमायाः (पत्रिका) | उत्तमस्य (वृत्तपत्र) | षष्ठी |
| (स्थूल) पुत्रे | स्थूलायाम् (कन्या) | (स्थूल) पात्रे | सप्तमी |
| हे (श्रेष्ठ) ऋषे | हे श्रेष्ठे (तपस्विनी) | हे (श्रेष्ठ) औषध | सम्बोधनम् |
कुशलः वैमानिकः।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| कुशलः वैमानिकः | कुशलौ ______ | ______ वैमानिकाः | प्रथमा |
| ______ वैमानिकम् | ______ वैमानिकौ | कुशलान् ______ | द्वितीया |
| कुशलेन ______ | कुशलाभ्यां ______ | ______ वैमानिकैः | तृतीया |
| ______ वैमानिकाय | ______ वैमानिकाभ्यां | कुशलेभ्यः ______ | चतुर्थी |
| कुशलात् ______ | कुशलाभ्यां ______ | ______ वैमानिकेभ्यः | पञ्चमी |
| ______ वैमानिकस्य | ______ वैमानिकयोः | कुशलानां ______ | षष्ठी |
| कुशले ______ | ______ वैमानिकयोः | ______ वैमानिकेषु | सप्तमी |
| कुशल ______ | ______ वैमानिकौ | कुशलाः ______ | सम्बोधनम् |
योग्यरूपं योजयत।
______ रसः मधुरः। (इक्षु)
पूर्वकालवाचक -धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
ब्रह्मदेवः वाल्मीकिम् ______ (उप + दिश्) अवदत्।
पूर्वकालवाचक -धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
भक्तः विष्णुं ______ (स्मृ) तपश्चरणं करोति।
पूर्वकालवाचक-धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
धनं ______ (लभ्) सोमदत्तः महानगरम् असरत्।
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
आचार्ये, अपि वयं क्रीडाङ्गणे क्रीडाम?
रूपाभ्यासं कुरुत।
पठेत्
समस्तपदं लिखत।
ज्ञानस्य लालसा - ______
समस्तपदं लिखत।
भाषायाः अभ्यासः - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
प्रिय - ______
रिक्तस्थानानि पूरयत।
| समस्तपदम् | समासविग्रहः | समासप्रकारः |
| कलाकुशलः | ______ | सप्तमी तत्पुरुषः |
| ______ | चिन्तायाः मुक्तः | पञ्चमी तत्पुरुषः |
| नेत्रहीनः |
नेत्राभ्यां हीनः |
______ |
| नृपकन्या | नृपस्य कन्या | ______ |
'क्त' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
शिष्येण दक्षिणा ______। (दा)
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
कविः कवितां ______। (लिख्)
नाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| नीलकण्ठाय | ______ | ______ | चतुर्थी |
| ______ | सरस्वत्योः | ______ | षष्ठी |
| ______ | ______ | नक्षत्राणि | द्वितीया |
नाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | वस्तुभ्याम् | ______ | तृतीया |
| पितरि | ______ | ______ | सप्तमी |
| ______ | ______ | धेनुभ्यः | पञ्चमी |
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| तस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| ______ | ______ | अस्माभिः | तृतीया |
| ______ | कयोः | केषु | सप्तमी |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
न + ______ = नास्ति।
सन्धिकोषः।
सङ्गीतमपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
सर्वमेव = सर्वम् + ______।
सन्धिकोषः।
परोपकारार्थमिदम् = ______ + इदम्।
सन्धिकोषः।
सर्वास्तत्राफलाः = ______ + ______ + अफलाः।
सन्धिकोषः।
ज्ञानिनामपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
तवेदम् = ______ + इदम्।
सन्धिकोषः।
पराभवमाप्नोति = ______ + आप्नोति।
सन्धिकोषः।
शक्रादपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
यत्परिपूर्णोऽयम् = यत् + ______ + अयम्।
सन्धिकोषः।
विक्रयणात्प्रभूतम् = ______ + प्रभूतम्।
सन्धिकोषः।
त्वमगमः = ______ + अगमः।
'सर्व' स्त्रीलिङ्ग सर्वनाम।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| सर्वा | ______ | ______ | प्रथमा |
| सर्वाम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| सर्वया | ______ | ______ | तृतीया |
| सर्वस्यै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| सर्वस्याः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| सर्वस्याः | ______ | ______ | षष्ठी |
| सर्वस्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे सर्वे | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
'सर्व' नपुंसकलिङ्गं सर्वनाम।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| सर्वम् | ______ | ______ | प्रथमा |
| सर्वम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| सर्वेण | ______ | ______ | तृतीया |
| सर्वस्मै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| सर्वस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| सर्वस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
| सर्वस्मिन् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे सर्वे | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
'इदम्' सर्वनाम पुंलिङ्गम्।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| अयम् | ______ | ______ | प्रथमा |
| इमम्/एनम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| अनेन /एनेन | ______ | ______ | तृतीया |
| अस्मै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| अस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| अस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
| अस्मिन् | ______ | ______ | सप्तमी |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
अभितः = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
नमः = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
कृते = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
गम् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
रक्ष् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
स्निह् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
रुच् = ______
