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Question
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
आचार्ये, अपि वयं क्रीडाङ्गणे क्रीडाम?
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Solution
आचार्ये, अपि वयं क्रीडाङ्गणे क्रीडाम?
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RELATED QUESTIONS
सन्धिं कुरुत।
शशवत् + च = ______
समानार्थकशब्दं पाठात् लिखत।
वेदना - ______
सन्धिविग्रह कुरुत।
तत्राफलाः - ______
सूचनानुसारं परिवर्तनं कुरुत।
अहं द्विवारं स्नानं करोमि स्म। ('स्म' निष्कासयत)
समानार्थकशब्दयुग्मं चिनुत।
मृद् - ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
वयं वित्तकोषे धनस्य सङ्ग्रहं कुर्मः।
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
प्रयोगः - ______
सूचनानुसारं वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
वयमपि अमरकोषं कण्ठस्थं कुर्याम। (एकवचनं कुरुत।)
समानार्थकशब्दं लिखत।
कोषः - ______
प्राप्तम् उत्तरम् -
| ____ | ____ | ____ |
विशेषणं लिखत।
______ नभस्तलम्।
वर्णविग्रहं कुरुत।
रूपाढ्याम् - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
दुर्भिक्षम् - ______
समस्तपदं कुरुत।
लगुडस्य प्रहारः - ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
व्याधेन क्रौञ्चः बाणेन विद्धः।
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
अगस्त्यः = ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
मुनयः वनप्रदेशे निवसन्ति। (एकवचने परिवर्तयत।)
सवर्णदीर्घसन्धिः।
अ/आ + अ/आ = आ
नव + ______ = नवापि।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
अ/आ + अ/आ = आ
लेखनस्य + ______ = लेखनस्याशयः।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ
______ + उत्साहः = वधूत्साहः।
अयादिसन्धिः।
ओ/औ + कोऽपि स्वरः = अव्/आव्
______ + आस्ताम् = सुहदावास्ताम्।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ए/ऐ = ऐ
______ + एतद् = नैतद्।
यणसन्धिः।
ऋ/ॠ + विजातीयः स्वरः = र्।
______ + आज्ञा = पित्राज्ञा।
योग्यरूपं योजयत।
मयूरस्य ______ दीर्घा। (चञ्चु)
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
कदाचित् अहमपि वैद्या भवेयम्।
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
विकल - ______
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
देवाः भक्तान् ______। (रक्ष्)
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
कविः कवितां ______। (लिख्)
नाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | वस्तुभ्याम् | ______ | तृतीया |
| पितरि | ______ | ______ | सप्तमी |
| ______ | ______ | धेनुभ्यः | पञ्चमी |
रूपाणि परिचिनुत।
| अ. क्र. | नामरूपम् | प्रातिपदिकम् | अन्तः | लिङ्गम् | विभक्तिः | वचनम् |
| १ | भानोः | |||||
| २ | भ्रातुषु | |||||
| ३ | अस्याः |
सन्धिकोषः।
नासाग्रमालोकयेद् = ______ + आलोकयेत्।
सन्धिकोषः।
यत्परिपूर्णोऽयम् = यत् + ______ + अयम्।
सन्धिकोषः।
त्रयीविद्यामपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
तयोर्ज्ञाने = तयोः + ______।
सन्धिकोषः।
______ = अन्यः + च।
सन्धिकोषः।
विश्रान्तास्मि = ______ + अस्मि।
'इदम्' सर्वनाम पुंलिङ्गम्।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| अयम् | ______ | ______ | प्रथमा |
| इमम्/एनम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| अनेन /एनेन | ______ | ______ | तृतीया |
| अस्मै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| अस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| अस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
| अस्मिन् | ______ | ______ | सप्तमी |
भवत् आदरार्थकं सर्वनाम।
भवत् - पुंलिङ्गम्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| भवान् | ______ | ______ | प्रथमा |
| भवन्तम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| भवता | ______ | ______ | तृतीया |
| भवते | ______ | ______ | चतुर्थी |
| भवतः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| भवतः | ______ | ______ | षष्ठी |
| भवति | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे भवन् | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
भवत् आदरार्थकं सर्वनाम।
भवत् - स्त्रीलिङ्गम् (भवती)
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| भवती | ______ | ______ | प्रथमा |
| भवतीम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| भवत्या | ______ | ______ | तृतीया |
| भवत्यै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| भवत्याः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| भवत्याः | ______ | ______ | षष्ठी |
| भवत्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे भवति | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
