Advertisements
Advertisements
Question
सन्धिकोषः।
वृकवच्चावलुम्पेत = वृकवत् + च + ______।
Advertisements
Solution
वृकवच्चावलुम्पेत = वृकवत् + च + अलुम्पेत।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
सन्धिविग्रहं कुरुत।
त्यजेत्सुखम् = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
नार्पयेत् = ______
सन्धिं कुरुत।
किम् + नु = ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
भारः - ______
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
परः × ______
सन्धिविग्रह कुरुत।
तत्राफलाः - ______
एकवचने परिवर्तयत।
देवताः रमन्ते।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सोऽपि = ______ + अपि।
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
वाचकः - ______
विशेषण-विशेष्य-सम्बन्धः।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| पादतलौ | सतेजः |
| अभ्यासः | मलिनम् |
| मनः | आर्द्रौ |
| शरीरम् | उत्तमः |
मेलनं कुरुत।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| १. कपाटिका | १. सुलभम् |
| २. कोषग्रन्थः | २. विशाला |
| ३. कण्ठस्थीकरणम् | ३. भिन्नाः |
| ४. अर्थाः | ४. पद्यमयः |
सूचनानुसारं वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
छात्राः अमरकोषं कण्ठस्थं कुर्वन्ति स्म। ('स्म' निष्कासयत)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
विपरीतोऽपि = ______
समानार्थकशब्दयुग्मं चिनुत लिखत च।
पक्षिराजः, शूलपाणिः, जलम्, मेघः, शङ्करः, वृक्षः, सिद्धयोगी, गरुडः, तरुः, तोयम्, जलदः, तपस्वी।
अधोदत्तं वाक्यं श्लोकस्थ-समानार्थक-शब्दैः पुनः लिखत।
सत्पुरुषः निःस्पृहः वर्तते तथापि दुर्जनः तस्य अरिः भवति।
विशेषणं लिखत।
______ नभस्तलम्।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
त्वं धनिनां वक्त्रं मुहुः न ईक्षसे।
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
वदनम् - ______
सूचनानुसार वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
सोमशर्मा मम समीपम् आगमिष्यति। ('मम' स्थाने 'पितृ' शब्दस्य योग्य रूपं लिखत।)
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
वेदान्तम् = ______
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
काकः जलं (पा-पिब्) घटे उपविशति।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ
______ + उत्साहः = वधूत्साहः।
विशेषण-विशेष्ययोः युग्मं पूरयत।
| पुंलिङ्गम् | स्त्रीलिङ्गम् | नपुंसकलिङ्गम् | विभक्तिः |
| पवित्रः जलाशयः | (पवित्र) नदी | (पवित्र) गङ्गाजलम् | प्रथमा |
| (नूतन) मण्डपम् | नूतनां भाषाम् | (नूतन) मन्दिरम् | द्वितीया |
| समृद्धेन (कोष) | (समृद्ध) परम्परया | समृद्धेन (नगर) | तृतीया |
| (कोमल) स्वभावाय | कोमलायै (लता) | (कोमल) पुष्पाय | चतुर्थी |
| प्राधीनात् (उपाय) | (पराधीना) बुद्ध्याः | (पराधीन) जीवनात् | पञ्चमी |
| (उत्तम) पुरुषस्य | उत्तमायाः (पत्रिका) | उत्तमस्य (वृत्तपत्र) | षष्ठी |
| (स्थूल) पुत्रे | स्थूलायाम् (कन्या) | (स्थूल) पात्रे | सप्तमी |
| हे (श्रेष्ठ) ऋषे | हे श्रेष्ठे (तपस्विनी) | हे (श्रेष्ठ) औषध | सम्बोधनम् |
योग्यरूपं योजयत।
मयूरस्य ______ दीर्घा। (चञ्चु)
त्वान्तं/ल्यबन्तम् अव्ययं निष्कासयत।
छात्राः उत्तरं लिखित्वा स्मरन्ति।
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
ध्यायेत् आजानुबाहुं श्रीरामम्।
रूपाभ्यासं कुरुत।
रमेथाः
योग्यं रूपं लिखत।
______ (मरुत्) साहाय्येन ______ (विद्युत्) निर्मीयते।
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
आढ्य - ______
सन्धिकोषः।
पूर्वमुच्यते = ______ + उच्यते।
सन्धिकोषः।
धियो हरति = ______ + हरति।
सन्धिकोषः।
तदपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
यत्परिपूर्णोऽयम् = यत् + ______ + अयम्।
सन्धिकोषः।
ततस्तेन = ______ + तेन।
सन्धिकोषः।
अध्ययनमसम्भवम् = अध्ययनम् + ______।
सन्धिकोषः।
अयमध्ययनप्रत्यूहः = अयम् + ______।
'इदम्' सर्वनाम स्त्रीलिङ्गम्।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| इयम् | ______ | ______ | प्रथमा |
| इमाम्/एनाम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| अनया/एनया | ______ | ______ | तृतीया |
| अस्यै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| अस्याः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| अस्याः | ______ | ______ | षष्ठी |
| अस्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
क्रुध् = ______
