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Question
समानार्थकशब्दं लिखत।
शरीरम् - ............।
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Solution
देहः
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RELATED QUESTIONS
सन्धिविग्रहं कुरुत।
शत्रुभ्यामिव = ______
सन्धिं कुरुत।
सत्पुरुषैः + इति = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
तदेव = ______ + एव।
सन्धिं कुरुत।
परः + वा + इति = ______
सन्धिं कुरुत।
वसुधा + एव = ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
वृक्षाः - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सर्वास्तत्र - ______
एकवचने परिवर्तयत।
एताः न पूज्यन्ते।
एकवचने परिवर्तयत।
सर्वाः क्रियाः अफलाः।
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
वाचकः - ______
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
कार्यकर्ता - ______
मेलनं कुरुत।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| १. कपाटिका | १. सुलभम् |
| २. कोषग्रन्थः | २. विशाला |
| ३. कण्ठस्थीकरणम् | ३. भिन्नाः |
| ४. अर्थाः | ४. पद्यमयः |
समानार्थकशब्दं लिखत।
सुलभम् - ______
समानार्थकशब्दयुग्मं चिनुत लिखत च।
पक्षिराजः, शूलपाणिः, जलम्, मेघः, शङ्करः, वृक्षः, सिद्धयोगी, गरुडः, तरुः, तोयम्, जलदः, तपस्वी।
सन्धिं कुरुत।
तस्य + अन्तः (अ + अ) = ______
श्लोकात् षष्ठयन्तपदानि चिनुत लिखत च।
विशेषणं लिखत।
______ वारिणि।
विशेषणं लिखत।
______ नभस्तलम्।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
त्वं निद्रागमे निद्रासि।
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
असत्यम् - ______
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
शष्पम् - ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
स्वभावकृपणः अजाद्वयं क्रेष्यति।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
तस्याधस्तात् = ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
व्याधेन क्रौञ्चः बाणेन विद्धः।
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
काकः जलं (पा-पिब्) घटे उपविशति।
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
शृगालः मांसखण्डं (लभ्) काकस्य स्तुतिं करोति।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
इ/ई + इ/ई = ई
पठति + ______ = पठतीति
सवर्णदीर्घसन्धिः।
इ/ई + इ/ई = ई
______ + इव = नदीव।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
ऋ, ॠ + ऋ ,ॠ = ॠ
पितृ + ______ = पितृतम्।
भवान्/भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवान् शीघ्रं पृच्छतु।
अयादिसन्धिः।
ए/ए + कोऽपि स्वरः = अय्/आय्
कृते + ______ = कृतयायाहि/कृत आयाहि।
अयादिसन्धिः।
ए/ए + कोऽपि स्वरः = अय्/आय्
______ + अपि = मत्यायपि/मत्या अपि।
अयादिसन्धिः।
ए/ए + कोऽपि स्वरः = अय्/आय्
तस्मै + ______ = तस्मायपि/तस्मा अपि।
यणसन्धिः।
इ/ई + विजातीयः स्वरः = य्।
करोमि + ______ = करोम्यहम्।
यणसन्धिः।
उ/ऊ + विजातीयः स्वरः = व्।
मनु + ______ = मन्वन्तरम्।
विशेषण-विशेष्ययोः युग्मं पूरयत।
| पुंलिङ्गम् | स्त्रीलिङ्गम् | नपुंसकलिङ्गम् | विभक्तिः |
| पवित्रः जलाशयः | (पवित्र) नदी | (पवित्र) गङ्गाजलम् | प्रथमा |
| (नूतन) मण्डपम् | नूतनां भाषाम् | (नूतन) मन्दिरम् | द्वितीया |
| समृद्धेन (कोष) | (समृद्ध) परम्परया | समृद्धेन (नगर) | तृतीया |
| (कोमल) स्वभावाय | कोमलायै (लता) | (कोमल) पुष्पाय | चतुर्थी |
| प्राधीनात् (उपाय) | (पराधीना) बुद्ध्याः | (पराधीन) जीवनात् | पञ्चमी |
| (उत्तम) पुरुषस्य | उत्तमायाः (पत्रिका) | उत्तमस्य (वृत्तपत्र) | षष्ठी |
| (स्थूल) पुत्रे | स्थूलायाम् (कन्या) | (स्थूल) पात्रे | सप्तमी |
| हे (श्रेष्ठ) ऋषे | हे श्रेष्ठे (तपस्विनी) | हे (श्रेष्ठ) औषध | सम्बोधनम् |
कुशलः वैमानिकः।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| कुशलः वैमानिकः | कुशलौ ______ | ______ वैमानिकाः | प्रथमा |
| ______ वैमानिकम् | ______ वैमानिकौ | कुशलान् ______ | द्वितीया |
| कुशलेन ______ | कुशलाभ्यां ______ | ______ वैमानिकैः | तृतीया |
| ______ वैमानिकाय | ______ वैमानिकाभ्यां | कुशलेभ्यः ______ | चतुर्थी |
| कुशलात् ______ | कुशलाभ्यां ______ | ______ वैमानिकेभ्यः | पञ्चमी |
| ______ वैमानिकस्य | ______ वैमानिकयोः | कुशलानां ______ | षष्ठी |
| कुशले ______ | ______ वैमानिकयोः | ______ वैमानिकेषु | सप्तमी |
| कुशल ______ | ______ वैमानिकौ | कुशलाः ______ | सम्बोधनम् |
पूर्वकालवाचक -धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
भक्तः विष्णुं ______ (स्मृ) तपश्चरणं करोति।
त्वान्तं/ल्यबन्तम् अव्ययं निष्कासयत।
सुवर्णा प्रातः उत्थाय ग्रामम् अगच्छत्।
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
आचार्ये, अपि वयं क्रीडाङ्गणे क्रीडाम?
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
यूयं रष्टध्वजं सर्वदा वन्दध्वम्।
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
बालाः सर्वदा गुरूणाम् आज्ञां पालयेयुः।
रूपाभ्यासं कुरुत।
रचयेम
उचितलिङ्गानुसार पृथक्कुरुत।
| पुं. | स्त्री. | नपुं. |
| ______ | ______ | ______ |
(योषित्, भूभृत्, दिनकृत्, विद्युत्, वियत्, क्ष्माभृत्, तडित्)
तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | ______ | जगन्ति | प्रथमा |
| अप्सरसा | ______ | ______ | तृतीया |
| ______ | ______ | मरुत्सु | सप्तमी |
| ______ | भूभृतोः | ______ | षष्ठी |
| सरितः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| ______ | तेजसी | ______ | द्वितीया |
| ______ | ______ | उषस्सु | सप्तमी |
उचितलिङ्गानुसार पृथक्कुरुत।
| पुं. | स्त्री. | नपुं. |
| ______ | ______ | ______ |
दुर्वासस्, उषस्, तपस्, अम्भस्, तेजस् ओजस्, नभस्, यशस्, स्रोतस्, वेधस्, वयस्, वासस्, पयस्, चेतस्, मनस्।
समस्तपदं लिखत।
जलस्य बिन्दुः - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
मुक्त - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
विदित - ______
'क्त' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
शिष्येण दक्षिणा ______। (दा)
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
पुरुषः कार्यं ______। (कृ)
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
कविः कवितां ______। (लिख्)
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| अस्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| ______ | ______ | भवतीभ्यः | चतुर्थी |
| ______ | इमे | इमानि | प्रथमा |
लकार-तालिकां पूरयत।
लिङ् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| ______ | रक्षेतम् | ______ | मध्यमपुरुषः | |
| ______ | ______ | विद्येमहि | उत्तमपुरुषः | |
| भवेत् | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः |
रूपाणि परिचिनुत।
| अ. क्र. | धातुः | गणः/पदं | कालः | पुरषः | वचनम् | |
| १ | प्राप्स्यामि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| २ | अहरत् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ३ | पूज्यते | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ४ | चोरयतु | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
______ + उदरः = लम्बोदरः।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
______ + एतत् = खल्वेतत्।
सन्धिकोषः।
सिंहवच्च = ______ + च।
सन्धिकोषः।
वृकवच्चावलुम्पेत = वृकवत् + च + ______।
सन्धिकोषः।
धनुरासनमुच्यते = ______ + उच्यते।
सन्धिकोषः।
इत्येव = ______ + एव।
सन्धिकोषः।
सर्वमेव = सर्वम् + ______।
सन्धिकोषः।
सर्वास्तत्राफलाः = ______ + ______ + अफलाः।
सन्धिकोषः।
कृतिरेषा = ______ + एषा।
सन्धिकोषः।
याचेऽहम् = याचे + ______।
सन्धिकोषः।
समाप्तमन्वेषणकार्यम् = ______ + अन्वेषणकार्यम्।
सन्धिकोषः।
नाहम् = न + ______।
सन्धिकोषः।
स्वभावकृपणो नाम = ______ + नाम।
सन्धिकोषः।
ततस्तेन = ______ + तेन।
सन्धिकोषः।
ततोऽजाभिः = ततः + ______।
'सर्व' स्त्रीलिङ्ग सर्वनाम।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| सर्वा | ______ | ______ | प्रथमा |
| सर्वाम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| सर्वया | ______ | ______ | तृतीया |
| सर्वस्यै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| सर्वस्याः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| सर्वस्याः | ______ | ______ | षष्ठी |
| सर्वस्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे सर्वे | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
'इदम्' सर्वनाम पुंलिङ्गम्।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| अयम् | ______ | ______ | प्रथमा |
| इमम्/एनम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| अनेन /एनेन | ______ | ______ | तृतीया |
| अस्मै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| अस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| अस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
| अस्मिन् | ______ | ______ | सप्तमी |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
उभयतः = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
रक्ष् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
स्पृह् = ______
