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Question
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
व्ययः × ______
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Solution
व्ययः × सञ्चयः।
RELATED QUESTIONS
सन्धिविग्रहं कुरुत।
त्यजेत्सुखम् = ______
सन्धिं कुरुत।
पशुभिः + तुल्यम् = ______
सन्धिं कुरुत।
किम् + नु = ______
सन्धिं कुरुत।
शशवत् + च = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
वर्धत एव = ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
नद्यः - ______
एकवचने परिवर्तयत।
नद्यः वहन्ति।
सन्धिविग्रह कुरुत।
तत्राफलाः - ______
एकवचने परिवर्तयत।
देवताः रमन्ते।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
महताम् + ______ = महतामुदारता।
रूपपरिचयं कुरुत।
अम्भसा
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
सङ्ग्रहम् - ______
मेलनं कुरुत।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| १. कपाटिका | १. सुलभम् |
| २. कोषग्रन्थः | २. विशाला |
| ३. कण्ठस्थीकरणम् | ३. भिन्नाः |
| ४. अर्थाः | ४. पद्यमयः |
समानार्थकशब्दं लिखत।
सुलभम् - ______
वाक्यं शुद्धं कुरुत।
छात्राः ग्रन्थालये विविधं पुस्तकानि पश्यन्ति।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
विपरीताश्चेत् = ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
स्वभावकृपणः अजाद्वयं क्रेष्यति।
वर्णविग्रहं कुरुत।
दुर्भिक्षम् - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
दुर्भिक्षम् - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
सुवर्णम् - ______
समस्तपदं कुरुत।
लगुडस्य प्रहारः - ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
व्याधेन क्रौञ्चः बाणेन विद्धः।
पूर्वकालवाचकयोः उपयोगं कृत्वा दीर्घ वाक्यं कुरुत।

मर्कटः वृक्षात् ______ पेटिकां ______ टोपिकां ______ मस्तके ______ वृक्षम् आरोहति।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
इ/ई + इ/ई = ई
पठति + ______ = पठतीति
सवर्णदीर्घसन्धिः।
उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ
______ + उत्साहः = वधूत्साहः।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ
______ + ऊर्जा = भानूर्जा।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
ऋ, ॠ + ऋ ,ॠ = ॠ
______ + ऋणम् = मातृणम्।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
ऋ, ॠ + ऋ ,ॠ = ॠ
भ्रातृ + ______ = भ्रातृषभः।
भवान्/भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवती बन्धनं मुञ्चताम्।
अयादिसन्धिः।
ए/ए + कोऽपि स्वरः = अय्/आय्
तस्मै + ______ = तस्मायपि/तस्मा अपि।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ओ/औ = औ
______ + ओजः = ममौजः।
शुद्धं वा अशुद्धम्?
अहं शाकानि कर्तितवान्।
योग्यरूपं योजयत।
तस्मै ______ नमः। (गुरु)
योग्यरूपं योजयत।
______ रसः मधुरः। (इक्षु)
चतुर्थं पदं लिखत।
शम्भु - शम्भूना :: शिशु - ______।
पूर्वकालवाचक -धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
सः ______ गच्छति। (खाद्)
पूर्वकालवाचक-धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
धनं ______ (लभ्) सोमदत्तः महानगरम् असरत्।
पूर्वकालवाचक-धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
प्रश्नं ______ (प्रच्छ्) सः धैर्येण अग्रे आगच्छत्।
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
छात्रौ प्रार्थनां स्मरताम्।
रूपाभ्यासं कुरुत।
रचयेम
महत् इति तकारान्त विशेषण पठित्वा तालिका पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| महान् नृपः | महान्तौ नृपौ | महान्तः नृपाः | महान् गुरुः | महान्तौ ______ | महान्तः ______ |
| महान् कविः | महान्तौ कवी | महान्तः कवयः | महान् ______ | महान्तौ ऋषी | महान्तः ______ |
| महती शिला | महत्यौ शिले | महत्यः शिलाः | महती ______ | महत्यौ ______ | महत्यः नार्यः |
| महती नदी | महत्यौ नद्यौ | महत्यः नद्यः | महती धेनुः | महत्यौ ______ | महत्यः ______ |
| महत् नगरम् | महती नगरे | महान्ति नगराणि | महत् ______ | महती विश्वे | महान्ति ______ |
| महत् वस्तु | महती वस्तुनि | महान्ति वस्तूनि | महत् सरः | महती ______ | महान्ति ______ |
समस्तपदं लिखत।
हस्तेन लिखितम् - ______
समस्तपदं लिखत।
जलस्य बिन्दुः - ______
समस्तपदं लिखत।
चोरात् भयम् - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
प्रिय - ______
'क्त' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
शिष्येण दक्षिणा ______। (दा)
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| तस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| ______ | ______ | अस्माभिः | तृतीया |
| ______ | कयोः | केषु | सप्तमी |
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| तव, ते | ______ | ______ | षष्ठी |
| ______ | आभ्याम् | ______ | चतुर्थी |
| ______ | ______ | भवतः | द्वितीया |
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| अस्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| ______ | ______ | भवतीभ्यः | चतुर्थी |
| ______ | इमे | इमानि | प्रथमा |
रूपाणि परिचिनुत।
| अ. क्र. | धातुः | गणः/पदं | कालः | पुरषः | वचनम् | |
| १ | प्राप्स्यामि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| २ | अहरत् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ३ | पूज्यते | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ४ | चोरयतु | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
न + ______ = नास्ति।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
______ + एतत् = खल्वेतत्।
सन्धिकोषः।
पूर्वमुच्यते = ______ + उच्यते।
सन्धिकोषः।
धनुरासनमुच्यते = ______ + उच्यते।
सन्धिकोषः।
श्रीमस्त्यनाथोदितमासनं = श्रीमस्त्यनाथोदितम् + ______।
सन्धिकोषः।
तच्छवासनम् = ______ + शवासनम्।
सन्धिकोषः।
______ = प्रयासः + च।
सन्धिकोषः।
इत्येव = ______ + एव।
सन्धिकोषः।
______ = मासाधिकः + अपि।
सन्धिकोषः।
सर्वमेव = सर्वम् + ______।
सन्धिकोषः।
परोपकारार्थमिदम् = ______ + इदम्।
सन्धिकोषः।
______ = बाल्यात् + एव।
सन्धिकोषः।
स्वदेशमपाहरन् = ______ + अपाहरन्।
सन्धिकोषः।
यो भवेत् = यः + ______।
सन्धिकोषः।
याचेऽहम् = याचे + ______।
सन्धिकोषः।
नाहम् = न + ______।
सन्धिकोषः।
शक्रादपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
पुनर्भूयान् = पुनः + ______।
'सर्व' नपुंसकलिङ्गं सर्वनाम।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| सर्वम् | ______ | ______ | प्रथमा |
| सर्वम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| सर्वेण | ______ | ______ | तृतीया |
| सर्वस्मै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| सर्वस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| सर्वस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
| सर्वस्मिन् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे सर्वे | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
भवत् आदरार्थकं सर्वनाम।
भवत् - स्त्रीलिङ्गम् (भवती)
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| भवती | ______ | ______ | प्रथमा |
| भवतीम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| भवत्या | ______ | ______ | तृतीया |
| भवत्यै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| भवत्याः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| भवत्याः | ______ | ______ | षष्ठी |
| भवत्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे भवति | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
गम् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
कुप् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
क्रुध् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
वि + रम् = ______
