Advertisements
Advertisements
Question
सन्धिकोषः।
स्वभावकृपणो नाम = ______ + नाम।
Advertisements
Solution
स्वभावकृपणो नाम = स्वभावकृपणः + नाम।
RELATED QUESTIONS
सन्धिविग्रहं कुरुत।
त्यजेद्विद्याम् = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
कुतो विद्या = ______
सन्धिं कुरुत।
सत्पुरुषैः + इति = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
तदेव = ______ + एव।
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
व्ययः × ______
सन्धिविग्रह कुरुत।
तत्राफलाः - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
महताम् + ______ = महतामुदारता।
रूपपरिचयं कुरुत।
अम्भसा
अमरकोषपङ्क्तिं लिखत।
अम्भः
सन्धिविग्रहं कुरुत।
व्यसनिनो ज्ञेयाः = ______ + ज्ञेयाः।
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
कार्यकर्ता - ______
समानार्थकशब्दयुग्मं चिनुत।
शरीरम्, मृत्तिका, चरणौ, मित्रम्, मनः, मृद्, सुहृद्, चित्तम्, पादौ, देहः
विरुदधार्थकं शब्दं लिखत।
स्वच्छम् × ______
विरुदधार्थकं शब्दं लिखत।
सत्वरम् × ______
सूचनानुसारं वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
छात्राः अमरकोषं कण्ठस्थं कुर्वन्ति स्म। ('स्म' निष्कासयत)
समानार्थकशब्दं लिखत।
विख्यातः - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
पितुराज्ञा = ______
प्राप्तम् उत्तरम् -
| ____ | ____ | ____ |
सन्धि कुरुत।
तस्य + आदिः (अ + आ) = ______
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
पश्यसि - ______
सूचनानुसार वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
कश्चित् धनिकः स्वकन्यां मह्यं दास्यति। (लट्लकारे परिवर्तयत।)
समस्तपदं कुरुत।
स्वभावेन कृपणः - ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
अगस्त्यः = ______
विशेषण-विशेष्य-मेलनं कुरुत।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| सहचरः | पोषितौ |
| विलापः | अश्रुतपूर्वा |
| कुशलवौ | करुणः |
| वाणी | निश्चेष्टः |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ
______ + उत्साहः = वधूत्साहः।
भवान्/ भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवान् अत्र उपविशतु।
भवान्/भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवन्तः भद्राणि पश्यन्तु।
भवान्/भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवत्यः पाकं पचन्तु।
अयादिसन्धिः।
ओ/औ + कोऽपि स्वरः = अव्/आव्
______ + आस्ताम् = सुहदावास्ताम्।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ए/ऐ = ऐ
______ + एतद् = नैतद्।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ओ/औ = औ
तव + ______ = तवौदार्यम्।
योग्यरूपं योजयत।
मयूरस्य ______ दीर्घा। (चञ्चु)
चतुर्थं पदं लिखत।
धेनु - धेन्वा :: रज्जु - ______।
त्वान्तं/ल्यबन्तम् अव्ययं निष्कासयत।
कविः काव्यं विरचय्य गायेत्।
तालिकां पूरयत।
| क्रियापदम् | मूलधातुः | गणः, पदम् | लकारः | पुरुषः | वचनम् |
| १. क्षमस्व | ______ | ______ | लोट् | ______ | ______ |
| २. लभताम् | ______ | १ आ.प. | ______ | ______ | ______ |
| ३. नृत्यन्तु | ______ | ______ | ______ | ______ | बहुवचनम् |
| ४. रचय | रच् | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ५. उत्तरत | उत् + तृ-तर् | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ६. लिखत | ______ | ६ प. प. | ______ | ______ | ______ |
| ७. गायाम | ______ | ______ | लोट् | ______ | ______ |
| ८. भवन्तु | ______ | ______ | ______ | प्रथम | ______ |
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
ध्यायेत् आजानुबाहुं श्रीरामम्।
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
अर्थम् - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
सदृश - ______
'क्त' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
जनैः पूजा ______। (कृ)
'क्त' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
बिडालेन क्षीरं ______। (पा)
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
अहं चित्राणि ______। (दृश्)
नाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | वस्तुभ्याम् | ______ | तृतीया |
| पितरि | ______ | ______ | सप्तमी |
| ______ | ______ | धेनुभ्यः | पञ्चमी |
नाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | ______ | चन्दमस्सु | सप्तमी |
| विद्युते | ______ | ______ | चतुर्थी |
| ______ | पयसी | ______ | प्रथमा |
लकार-तालिकां पूरयत।
लङ् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| ______ | ______ | अपठाम् | उत्तमपुरुषः | |
| ______ | आस्ताम् | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | ______ | अलभध्वम् | मध्यमपुरुषः |
लकार-तालिकां पूरयत।
लिङ् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| ______ | रक्षेतम् | ______ | मध्यमपुरुषः | |
| ______ | ______ | विद्येमहि | उत्तमपुरुषः | |
| भवेत् | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः |
रूपाणि परिचिनुत।
| अ. क्र. | धातुः | गणः/पदं | कालः | पुरषः | वचनम् | |
| १ | प्राप्स्यामि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| २ | अहरत् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ३ | पूज्यते | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ४ | चोरयतु | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
______ + एतत् = खल्वेतत्।
सन्धिकोषः।
धनमलब्धं = ______ + अलब्धम्।
सन्धिकोषः।
पूर्वमुच्यते = ______ + उच्यते।
सन्धिकोषः।
______ = वसेत् + इदम्।
सन्धिकोषः।
पश्चिमतानमाहुः = पश्चिमतानम् + ______।
सन्धिकोषः।
श्रीमस्त्यनाथोदितमासनं = श्रीमस्त्यनाथोदितम् + ______।
सन्धिकोषः।
सङ्गीतमपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
परोपकारार्थमिदम् = ______ + इदम्।
सन्धिकोषः।
सर्वास्तत्राफलाः = ______ + ______ + अफलाः।
सन्धिकोषः।
त्समास = त्वम् + ______।
सन्धिकोषः।
तत्रैव = ______ + एव।
सन्धिकोषः।
कर्तव्यमेव = कर्तव्यम् + ______।
सन्धिकोषः।
यो भवेत् = यः + ______।
सन्धिकोषः।
______ = पणिभिः + यद्।
सन्धिकोषः।
गमनमारभे = गमनम् + ______।
सन्धिकोषः।
गङ्गायाश्चञ्चलतरे = ______ + चञ्चलतरे।
सन्धिकोषः।
पराभवमाप्नोति = ______ + आप्नोति।
सन्धिकोषः।
ततोऽजाभिः = ततः + ______।
सन्धिकोषः।
विक्रयणात्प्रभूतम् = ______ + प्रभूतम्।
सन्धिकोषः।
तस्याहम् = तस्य + ______।
सन्धिकोषः।
करोत्यपहन्ति = ______ + अपहन्ति।
सन्धिकोषः।
पुनर्भूयान् = पुनः + ______।
सन्धिकोषः।
मणिर्न = ______ + न।
सन्धिकोषः।
______ = अन्यः + च।
सन्धिकोषः।
अथैकदा = ______ + एकदा।
सन्धिकोषः।
अयमध्ययनप्रत्यूहः = अयम् + ______।
सन्धिकोषः।
त्वमगमः = ______ + अगमः।
'सर्व' स्त्रीलिङ्ग सर्वनाम।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| सर्वा | ______ | ______ | प्रथमा |
| सर्वाम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| सर्वया | ______ | ______ | तृतीया |
| सर्वस्यै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| सर्वस्याः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| सर्वस्याः | ______ | ______ | षष्ठी |
| सर्वस्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे सर्वे | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
केवलं प्रथमपुरुषस्य क्रियापदेन सह उपयुज्यते किन्तु मध्यमपुरुषस्य दर्शकम्। यथा -
| कर्तृपदम् | लट्लकारः | लङ्लकारः | लोट्लकारः | विधिलिङ्लकारः |
| भवान्/भवती | ______ | ______ | ______ | ______ |
| त्वम् | ______ | ______ | ______ | ______ |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
उभयतः = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
विना = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
कृते = ______
