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Question
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| तव, ते | ______ | ______ | षष्ठी |
| ______ | आभ्याम् | ______ | चतुर्थी |
| ______ | ______ | भवतः | द्वितीया |
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Solution
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| तव, ते | युवयोः, वाम् | युष्माकम्, वः | षष्ठी |
| अस्मै | आभ्याम् | एभ्यः | चतुर्थी |
| भवन्तम् | भवन्तौ | भवतः | द्वितीया |
RELATED QUESTIONS
विरुद्धार्थकशब्द लिखत।
अधिकम् × ______
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
व्ययः × ______
सन्धिं कुरुत।
परः + वा + इति = ______
सन्धिं कुरुत।
वसुधा + एव = ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
वृक्षाः - ______
एकवचने परिवर्तयत।
नद्यः वहन्ति।
सन्धिविग्रह कुरुत।
एतास्तु - ______
एकवचने परिवर्तयत।
एताः न पूज्यन्ते।
रूपपरिचयं कुरुत।
महताम्
रूपपरिचयं कुरुत।
पयः
श्लोकात् सङ्ख्यावाचकानि चिनुत लिखत च।
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
कार्यकर्ता - ______
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
बोद्धव्याः - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
लघुभारमिव = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
कदापि - ______
विशेषण-विशेष्य-सम्बन्धः।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| पादतलौ | सतेजः |
| अभ्यासः | मलिनम् |
| मनः | आर्द्रौ |
| शरीरम् | उत्तमः |
सूचनानुसारं परिवर्तनं कुरुत।
अहं द्विवारं स्नानं करोमि स्म। ('स्म' निष्कासयत)
सूचनानुसारं परिवर्तनं कुरुत।
वयं प्रतिदिनं प्रयतामहे। (एकवचनं कुरुत)
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
सङ्ग्रहम् - ______
वाक्यं शुद्धं कुरुत।
ग्रन्थालये कोषाय कृते एका विशाला कपाटिका विद्यते।
वाक्यं शुद्धं कुरुत।
छात्राः ग्रन्थालये विविधं पुस्तकानि पश्यन्ति।
वाक्यं शुद्धं कुरुत।
अमरकोषे तिस्त्रः काण्डानि सन्ति।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
ममाज्ञया = ______
श्लोकात् 'क्त' प्रत्ययान्तरूपाणि (क. भू. धा. वि.) चिनुत लिखत च।
प्राप्तम् उत्तरम् -
| ____ | ____ | ____ |
विशेषणं लिखत।
______ वारिणि।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
त्वं धनिनां वक्त्रं मुहुः न ईक्षसे।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सोमशर्मेति = ______
वर्णविग्रहं कुरुत।
दुर्भिक्षम् - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
धेनुः - ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
वेदान्तम् = ______
भवान्/ भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवान् अत्र उपविशतु।
अयादिसन्धिः।
ए/ए + कोऽपि स्वरः = अय्/आय्
तस्मै + ______ = तस्मायपि/तस्मा अपि।
अयादिसन्धिः।
ओ/औ + कोऽपि स्वरः = अव्/आव्
______ + एव = द्वावेव।
यणसन्धिः।
ऋ/ॠ + विजातीयः स्वरः = र्।
______ + आज्ञा = पित्राज्ञा।
शुद्धं वा अशुद्धम्?
अहं शाकानि कर्तितवान्।
विशेषण-विशेष्ययोः युग्मं पूरयत।
| पुंलिङ्गम् | स्त्रीलिङ्गम् | नपुंसकलिङ्गम् | विभक्तिः |
| पवित्रः जलाशयः | (पवित्र) नदी | (पवित्र) गङ्गाजलम् | प्रथमा |
| (नूतन) मण्डपम् | नूतनां भाषाम् | (नूतन) मन्दिरम् | द्वितीया |
| समृद्धेन (कोष) | (समृद्ध) परम्परया | समृद्धेन (नगर) | तृतीया |
| (कोमल) स्वभावाय | कोमलायै (लता) | (कोमल) पुष्पाय | चतुर्थी |
| प्राधीनात् (उपाय) | (पराधीना) बुद्ध्याः | (पराधीन) जीवनात् | पञ्चमी |
| (उत्तम) पुरुषस्य | उत्तमायाः (पत्रिका) | उत्तमस्य (वृत्तपत्र) | षष्ठी |
| (स्थूल) पुत्रे | स्थूलायाम् (कन्या) | (स्थूल) पात्रे | सप्तमी |
| हे (श्रेष्ठ) ऋषे | हे श्रेष्ठे (तपस्विनी) | हे (श्रेष्ठ) औषध | सम्बोधनम् |
योग्यरूपं योजयत।
महादेवः ______ पतिः। (पशु)
योग्यरूपं योजयत।
मयूरस्य ______ दीर्घा। (चञ्चु)
योग्यरूपं योजयत।
हिमालयस्य ______ हिमाच्छादितानि। (सानु)
चतुर्थं पदं लिखत।
धेनु - धेन्वा :: रज्जु - ______।
तालिकां पूरयत।
| नामरूपम् | प्रातिपदिकम् | अन्तः | लिङ्गम् | विभक्तिः | वचनम् |
| १. पश्वोः | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| २. साधौ | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ३. जिज्ञासुभिः | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ४. तरूणाम् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ५. दारूणि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
पूर्वकालवाचक -धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
ब्रह्मदेवः वाल्मीकिम् ______ (उप + दिश्) अवदत्।
त्वान्तं/ल्यबन्तम् अव्ययं निष्कासयत।
सुवर्णा प्रातः उत्थाय ग्रामम् अगच्छत्।
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
हे राधिके, फलानि गणय।
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
आचार्ये, अपि वयं क्रीडाङ्गणे क्रीडाम?
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
यूयं रष्टध्वजं सर्वदा वन्दध्वम्।
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
छात्रौ प्रार्थनां स्मरताम्।
उचितलिङ्गानुसार पृथक्कुरुत।
| पुं. | स्त्री. | नपुं. |
| ______ | ______ | ______ |
दुर्वासस्, उषस्, तपस्, अम्भस्, तेजस् ओजस्, नभस्, यशस्, स्रोतस्, वेधस्, वयस्, वासस्, पयस्, चेतस्, मनस्।
समस्तपदं लिखत।
जलस्य बिन्दुः - ______
समस्तपदं लिखत।
ज्ञानस्य लालसा - ______
समस्तपदं लिखत।
चोरात् भयम् - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
प्रिय - ______
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
कविः कवितां ______। (लिख्)
लकार-तालिकां पूरयत।
लृट् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| क्षालयिष्यति | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | वर्धिष्येथे | ______ | मध्यमपुरुषः | |
| ______ | ______ | कोपिष्यामः | उत्तमपुरुषः |
रूपाणि परिचिनुत।
| अ. क्र. | धातुः | गणः/पदं | कालः | पुरषः | वचनम् | |
| १ | प्राप्स्यामि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| २ | अहरत् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ३ | पूज्यते | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ४ | चोरयतु | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
______ + उदरः = लम्बोदरः।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
करोमि + ______ = करोम्यहम्।
सन्धिकोषः।
सिंहवच्च = ______ + च।
सन्धिकोषः।
कुर्यात्तदासनं = कुर्यात् + ______ + ______।
सन्धिकोषः।
पश्चिमतानमाहुः = पश्चिमतानम् + ______।
सन्धिकोषः।
______ = प्रयासः + च।
सन्धिकोषः।
तबलावादनेऽपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
कर्तव्यमेव = कर्तव्यम् + ______।
सन्धिकोषः।
यो भवेत् = यः + ______।
सन्धिकोषः।
याचेऽहम् = याचे + ______।
सन्धिकोषः।
नाहम् = न + ______।
सन्धिकोषः।
य इदम् = यः + ______।
सन्धिकोषः।
विक्रयणात्प्रभूतम् = ______ + प्रभूतम्।
सन्धिकोषः।
पुनर्भूयान् = पुनः + ______।
सन्धिकोषः।
______ = अन्यः + च।
सन्धिकोषः।
विश्रान्तास्मि = ______ + अस्मि।
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
बहिः = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
समीपे = ______
