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Question
रूपाभ्यासं कुरुत।
पठेत्
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Solution
| रूपम् | धातुः, गणः, पदम् | लकारः | पुरुषः | वचनम् |
| पठेत् | पठ् (१ प.प.) | विधिलिङ्लकारः | प्रथमः | एकवचनम् |
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सन्धिविग्रहं कुरुत।
कुतो विद्यार्थिन: = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
चानृतम् = ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
चोरः - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
विश्वम् + अम्भसा = ______।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
पाठकश्चैव = ______ + च + ______।
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
कार्यकर्ता - ______
समानार्थकशब्दयुग्मं चिनुत लिखत च।
पक्षिराजः, शूलपाणिः, जलम्, मेघः, शङ्करः, वृक्षः, सिद्धयोगी, गरुडः, तरुः, तोयम्, जलदः, तपस्वी।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
ममाज्ञया = ______
सन्धिं कुरुत।
तस्य + अन्तः (अ + अ) = ______
श्लोकात् षष्ठयन्तपदानि चिनुत लिखत च।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
अन्ये मुनयः वेदान्तज्ञानार्थं वाल्मीकिऋषिम् उपगच्छन्ति।
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
वाल्मीकिः = ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
अनुष्टुभ् = ______
पूर्वकालवाचकयोः उपयोगं कृत्वा दीर्घ वाक्यं कुरुत।

मर्कटः वृक्षात् ______ पेटिकां ______ टोपिकां ______ मस्तके ______ वृक्षम् आरोहति।
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
शृगालः मांसखण्डं (लभ्) काकस्य स्तुतिं करोति।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
ऋ, ॠ + ऋ ,ॠ = ॠ
पितृ + ______ = पितृतम्।
भवान्/भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवती बन्धनं मुञ्चताम्।
शुद्धं वा अशुद्धम्?
सिंहः तं हतवान्।
तालिकां पूरयत।
| नामरूपम् | प्रातिपदिकम् | अन्तः | लिङ्गम् | विभक्तिः | वचनम् |
| १. पश्वोः | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| २. साधौ | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ३. जिज्ञासुभिः | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ४. तरूणाम् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ५. दारूणि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
पूर्वकालवाचक -धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
सिंहं ______ (दृश्) मुकुलः भीतः।
रूपाभ्यासं कुरुत।
भवेयुः
महत् इति तकारान्त विशेषण पठित्वा तालिका पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| महान् नृपः | महान्तौ नृपौ | महान्तः नृपाः | महान् गुरुः | महान्तौ ______ | महान्तः ______ |
| महान् कविः | महान्तौ कवी | महान्तः कवयः | महान् ______ | महान्तौ ऋषी | महान्तः ______ |
| महती शिला | महत्यौ शिले | महत्यः शिलाः | महती ______ | महत्यौ ______ | महत्यः नार्यः |
| महती नदी | महत्यौ नद्यौ | महत्यः नद्यः | महती धेनुः | महत्यौ ______ | महत्यः ______ |
| महत् नगरम् | महती नगरे | महान्ति नगराणि | महत् ______ | महती विश्वे | महान्ति ______ |
| महत् वस्तु | महती वस्तुनि | महान्ति वस्तूनि | महत् सरः | महती ______ | महान्ति ______ |
समस्तपदं लिखत।
ग्रामं गतः - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
शौण्ड - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
अर्थम् - ______
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
पुरुषः कार्यं ______। (कृ)
नाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| नीलकण्ठाय | ______ | ______ | चतुर्थी |
| ______ | सरस्वत्योः | ______ | षष्ठी |
| ______ | ______ | नक्षत्राणि | द्वितीया |
लकार-तालिकां पूरयत।
लट् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| वन्दते | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | नृत्यावहे | ______ | उत्तमपुरुषः | |
| ______ | ______ | कथयथ | मध्यमपुरुषः |
सन्धिकोषः।
जानोर्महिर्वेष्टितवामपाद्म् = जानोः + बहिः + ______।
सन्धिकोषः।
षड्भिर्योगो = षड्भिः + ______।
सन्धिकोषः।
परोपकारार्थमिदम् = ______ + इदम्।
सन्धिकोषः।
धियो हरति = ______ + हरति।
सन्धिकोषः।
कथमिव = ______ + इव।
सन्धिकोषः।
वयमपि = वयम् + ______।
सन्धिकोषः।
गमनमारभे = गमनम् + ______।
सन्धिकोषः।
______ = विपरीताः + चेत्।
सन्धिकोषः।
पराभवमाप्नोति = ______ + आप्नोति।
सन्धिकोषः।
घटस्तावत् = घटः + ______।
सन्धिकोषः।
दारकद्वयमुपनीतम् = दारकद्वयम् + ______।
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
समीपे = ______
