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Question
सन्धिकोषः।
विक्रयणात्प्रभूतम् = ______ + प्रभूतम्।
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Solution
विक्रयणात्प्रभूतम् = विक्रयणात् + प्रभूतम्।
RELATED QUESTIONS
सन्धिविग्रहं कुरुत।
कुतो विद्या = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
कुतो विद्यार्थिन: = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
नार्पयेत् = ______
सन्धिं कुरुत।
किम् + नु = ______
सन्धिं कुरुत।
परः + वा + इति = ______
सन्धिं कुरुत।
वसुधा + एव = ______
स्तम्भमेलनं कुरुत।
| अ | आ |
| स्वीयम् | गणना |
| चिन्तनम् | वसुधा |
| अन्यः | निजः |
| पृथिवी | परः |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सर्वास्तत्र - ______
एकवचने परिवर्तयत।
सर्वाः क्रियाः अफलाः।
समानार्थकशब्दं योजयित्वा वाक्यं पुनर्लिखत।
चातकः पयसः कणान् जलधरं याचते।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
क्रियावान्स पण्डितः = क्रियावान् + ______ + पण्डितः।
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
वाचकः - ______
सूचनानुसारं परिवर्तनं कुरुत।
अहं द्विवारं स्नानं करोमि स्म। ('स्म' निष्कासयत)
विरुदधार्थकं शब्दं लिखत।
शुष्कम् × ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
वर्तन्ते - ______
सूचनानुसारं वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
तेन कः लाभः भवति? (बहुवचने लिखत।)
समानार्थकशब्दं लिखत।
विख्यातः - ______
योग्यविशेषणं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत।
छात्राः ग्रन्थालये ______ पुस्तकानि पश्यन्ति।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
विपरीताश्चेत् = ______
समानार्थकशब्दयुग्मं चिनुत लिखत च।
पक्षिराजः, शूलपाणिः, जलम्, मेघः, शङ्करः, वृक्षः, सिद्धयोगी, गरुडः, तरुः, तोयम्, जलदः, तपस्वी।
श्लोकात् षष्ठयन्तपदे चिनुत लिखत च।
समस्तपदं कुरुत।
लगुडस्य प्रहारः - ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
अगस्त्यः = ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
रचय रामचरितम्। (लिङ्लकारे परिवर्तयत।)
विशेषण-विशेष्य-मेलनं कुरुत।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| सहचरः | पोषितौ |
| विलापः | अश्रुतपूर्वा |
| कुशलवौ | करुणः |
| वाणी | निश्चेष्टः |
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
शशकः निद्रां (कृ) अगच्छत्।
भवान्/ भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवान् अत्र उपविशतु।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ए/ऐ = ऐ
______ + एतद् = नैतद्।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ए/ऐ = ऐ
मम + ______ = ममैश्वर्यम्।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ओ/औ = औ
______ + ओजः = ममौजः।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ओ/औ = औ
तव + ______ = तवौदार्यम्।
यणसन्धिः।
उ/ऊ + विजातीयः स्वरः = व्।
मनु + ______ = मन्वन्तरम्।
शुद्धं वा अशुद्धम्?
ते बालकाः अन्नं न त्यक्तवन्तः।
शुद्धं वा अशुद्धम्?
आपणिकः देवं नतवती।
विशेषण-विशेष्ययोः युग्मं पूरयत।
| पुंलिङ्गम् | स्त्रीलिङ्गम् | नपुंसकलिङ्गम् | विभक्तिः |
| पवित्रः जलाशयः | (पवित्र) नदी | (पवित्र) गङ्गाजलम् | प्रथमा |
| (नूतन) मण्डपम् | नूतनां भाषाम् | (नूतन) मन्दिरम् | द्वितीया |
| समृद्धेन (कोष) | (समृद्ध) परम्परया | समृद्धेन (नगर) | तृतीया |
| (कोमल) स्वभावाय | कोमलायै (लता) | (कोमल) पुष्पाय | चतुर्थी |
| प्राधीनात् (उपाय) | (पराधीना) बुद्ध्याः | (पराधीन) जीवनात् | पञ्चमी |
| (उत्तम) पुरुषस्य | उत्तमायाः (पत्रिका) | उत्तमस्य (वृत्तपत्र) | षष्ठी |
| (स्थूल) पुत्रे | स्थूलायाम् (कन्या) | (स्थूल) पात्रे | सप्तमी |
| हे (श्रेष्ठ) ऋषे | हे श्रेष्ठे (तपस्विनी) | हे (श्रेष्ठ) औषध | सम्बोधनम् |
योग्यरूपं योजयत।
मयूरस्य ______ दीर्घा। (चञ्चु)
योग्यरूपं योजयत।
हिमालयस्य ______ हिमाच्छादितानि। (सानु)
चतुर्थं पदं लिखत।
धेनु - धेन्वा :: रज्जु - ______।
चतुर्थं पदं लिखत।
हनु - हनूः :: तनु - ______।
तालिकां पूरयत।
| नामरूपम् | प्रातिपदिकम् | अन्तः | लिङ्गम् | विभक्तिः | वचनम् |
| १. पश्वोः | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| २. साधौ | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ३. जिज्ञासुभिः | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ४. तरूणाम् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ५. दारूणि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
पूर्वकालवाचक -धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
सः ______ गच्छति। (खाद्)
त्वान्तं/ल्यबन्तम् अव्ययं निष्कासयत।
छात्राः उत्तरं लिखित्वा स्मरन्ति।
तालिकां पूरयत।
| क्रियापदम् | मूलधातुः | गणः, पदम् | लकारः | पुरुषः | वचनम् |
| १. क्षमस्व | ______ | ______ | लोट् | ______ | ______ |
| २. लभताम् | ______ | १ आ.प. | ______ | ______ | ______ |
| ३. नृत्यन्तु | ______ | ______ | ______ | ______ | बहुवचनम् |
| ४. रचय | रच् | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ५. उत्तरत | उत् + तृ-तर् | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ६. लिखत | ______ | ६ प. प. | ______ | ______ | ______ |
| ७. गायाम | ______ | ______ | लोट् | ______ | ______ |
| ८. भवन्तु | ______ | ______ | ______ | प्रथम | ______ |
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
आचार्ये, अपि वयं क्रीडाङ्गणे क्रीडाम?
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
यः गणपतिस्तोत्रं जपेत् सः षडभिः मासैः फलं लभेत।
रूपाभ्यासं कुरुत।
रचयेम
योग्यं रूपं लिखत।
______ (सरित्) जलं शीतलम्।
योग्यं रूपं लिखत।
आयुर्वेदः ______ (जगत्) विख्यातः।
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
प्रिय - ______
'क्त' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
जनैः पूजा ______। (कृ)
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
कविः कवितां ______। (लिख्)
नाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| नीलकण्ठाय | ______ | ______ | चतुर्थी |
| ______ | सरस्वत्योः | ______ | षष्ठी |
| ______ | ______ | नक्षत्राणि | द्वितीया |
लकार-तालिकां पूरयत।
लिङ् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| ______ | रक्षेतम् | ______ | मध्यमपुरुषः | |
| ______ | ______ | विद्येमहि | उत्तमपुरुषः | |
| भवेत् | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
सदा + ______ = सदैव।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
करोमि + ______ = करोम्यहम्।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
______ + एतत् = खल्वेतत्।
सन्धिकोषः।
वृकवच्चावलुम्पेत = वृकवत् + च + ______।
सन्धिकोषः।
नासाग्रमालोकयेद् = ______ + आलोकयेत्।
सन्धिकोषः।
______ = प्रयासः + च।
सन्धिकोषः।
______ = मासाधिकः + अपि।
सन्धिकोषः।
अधुनापि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
परोपकारार्थमिदम् = ______ + इदम्।
सन्धिकोषः।
तत्रैव = ______ + एव।
सन्धिकोषः।
______ = बाल्यात् + एव।
सन्धिकोषः।
प्रतिदिनमिव = ______ + इव।
सन्धिकोषः।
किङ्करो नैकोऽपि = ______ + नैकः + ______।
सन्धिकोषः।
समाप्तमन्वेषणकार्यम् = ______ + अन्वेषणकार्यम्।
सन्धिकोषः।
______ = विपरीताः + चेत्।
सन्धिकोषः।
शास्त्रविमुखाश्च = ______ + च।
सन्धिकोषः।
शक्रादपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
तस्याहम् = तस्य + ______।
सन्धिकोषः।
चिन्तामसम्भाव्याम् = चिन्ताम् + ______।
सन्धिकोषः।
दारकद्वयमुपनीतम् = दारकद्वयम् + ______।
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
प्रति = ______
