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Question
सन्धिकोषः।
अध्ययनमसम्भवम् = अध्ययनम् + ______।
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Solution
अध्ययनमसम्भवम् = अध्ययनम् + असम्भवम्।
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विरुद्धार्थकशब्द लिखत।
अधिकम् × ______
सन्धिं कुरुत।
सत्पुरुषैः + इति = ______
सन्धिविग्रह कुरुत।
नार्यस्तु = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
महताम् + ______ = महतामुदारता।
रूपपरिचयं कुरुत।
अम्भसा
अमरकोषपङ्क्तिं लिखत।
जलधरः
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
अध्यापकः - ______
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
कार्यकर्ता - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
तथैव = ______
विरुदधार्थकं शब्दं लिखत।
पवित्रम् × ______
उचितं कारणं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत।
मात्रा स्वशाटिका आर्द्रा कृता यतः ______।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
वयं वित्तकोषे धनस्य सङ्ग्रहं कुर्मः।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
ममाज्ञया = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
पितुराज्ञा = ______
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
मृगः - ______
सूचनानुसार वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
कश्चित् धनिकः स्वकन्यां मह्यं दास्यति। (लट्लकारे परिवर्तयत।)
समानार्थकशब्दं लिखत।
सुवर्णम् - ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
अन्ये मुनयः वेदान्तज्ञानार्थं वाल्मीकिऋषिम् उपगच्छन्ति।
गणद्वये लिखत।
उक्त्वा, पूजयित्वा, सम्पाद्य, संहत्य, धृत्वा, धावित्वा, प्रविश्य, स्नात्वा, उड्डीय, निमज्य, अवतीर्य, उत्थाय, आरुह्य, उत्पत्य, सिक्त्वा, स्थित्वा, चलित्वा, निष्पीड्य, उद्घाट्य, निष्कास्य
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
शृगालः मांसखण्डं (लभ्) काकस्य स्तुतिं करोति।
अयादिसन्धिः।
ए/ए + कोऽपि स्वरः = अय्/आय्
______ + अपि = मत्यायपि/मत्या अपि।
अयादिसन्धिः।
ओ/औ + कोऽपि स्वरः = अव्/आव्
______ + अपि = उभावपि
शुद्धं वा अशुद्धम्?
सिंहः तं हतवान्।
योग्यरूपं योजयत।
महादेवः ______ पतिः। (पशु)
चतुर्थं पदं लिखत।
धेनु - धेन्वा :: रज्जु - ______।
पूर्वकालवाचक -धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
सः ______ गच्छति। (खाद्)
तालिकां पूरयत।
| क्रियापदम् | मूलधातुः | गणः, पदम् | लकारः | पुरुषः | वचनम् |
| १. क्षमस्व | ______ | ______ | लोट् | ______ | ______ |
| २. लभताम् | ______ | १ आ.प. | ______ | ______ | ______ |
| ३. नृत्यन्तु | ______ | ______ | ______ | ______ | बहुवचनम् |
| ४. रचय | रच् | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ५. उत्तरत | उत् + तृ-तर् | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ६. लिखत | ______ | ६ प. प. | ______ | ______ | ______ |
| ७. गायाम | ______ | ______ | लोट् | ______ | ______ |
| ८. भवन्तु | ______ | ______ | ______ | प्रथम | ______ |
रिक्तस्थानानि पूरयत।
| समस्तपदम् | समासविग्रहः | समासप्रकारः |
| कलाकुशलः | ______ | सप्तमी तत्पुरुषः |
| ______ | चिन्तायाः मुक्तः | पञ्चमी तत्पुरुषः |
| नेत्रहीनः |
नेत्राभ्यां हीनः |
______ |
| नृपकन्या | नृपस्य कन्या | ______ |
लकार-तालिकां पूरयत।
लट् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| वन्दते | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | नृत्यावहे | ______ | उत्तमपुरुषः | |
| ______ | ______ | कथयथ | मध्यमपुरुषः |
लकार-तालिकां पूरयत।
लङ् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| ______ | ______ | अपठाम् | उत्तमपुरुषः | |
| ______ | आस्ताम् | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | ______ | अलभध्वम् | मध्यमपुरुषः |
लकार-तालिकां पूरयत।
लोट् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| करोतु | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | पूजयतम् | ______ | मध्यमपुरुषः | |
| ______ | ______ | गच्छाम | उत्तमपुरुषः |
रूपाणि परिचिनुत।
| अ. क्र. | धातुः | गणः/पदं | कालः | पुरषः | वचनम् | |
| १ | प्राप्स्यामि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| २ | अहरत् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ३ | पूज्यते | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ४ | चोरयतु | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
______ + ओघः = गङ्गौघः।
सन्धिकोषः।
धनमलब्धं = ______ + अलब्धम्।
सन्धिकोषः।
बकवच्चिन्तयेदर्थान् = बकवत् + ______ + अर्थान्।
सन्धिकोषः।
नासाग्रमालोकयेद् = ______ + आलोकयेत्।
सन्धिकोषः।
याचेऽहम् = याचे + ______।
सन्धिकोषः।
राज्याभिषेकादनन्तरम् = राज्याभिषेकात् + ______।
सन्धिकोषः।
आगतास्मि = ______ + अस्मि।
