Advertisements
Advertisements
Question
योग्यविशेषणं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत।
अमरकोषे ______ काण्डानि सन्ति।
Options
तिस्त्रः
त्रीणि
Advertisements
Solution
अमरकोषे त्रीणि काण्डानि सन्ति।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
सन्धिविग्रहं कुरुत।
शत्रुभ्यामिव = ______
समानार्थकशब्दं चिनुत।
स्वापः - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
विद्या - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
प्रधानम् - ______
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
नित्यम् × ______
स्तम्भमेलनं कुरुत।
| अ | आ |
| स्वीयम् | गणना |
| चिन्तनम् | वसुधा |
| अन्यः | निजः |
| पृथिवी | परः |
समानार्थकशब्दं लिखत।
वृक्षाः - ______
एकवचने परिवर्तयत।
नद्यः वहन्ति।
सन्धिविग्रह कुरुत।
एतास्तु - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सर्वास्तत्र - ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
अमरकोषः संस्कृतशब्दानां सङ्ग्रहग्रन्थः।
समानार्थकशब्दं लिखत।
अमरकोषः - ______
अधोदत्तं वाक्यं श्लोकस्थ-समानार्थक -शब्दैः पुनः लिखत।
हरिणः शष्पाणि भक्षयति तथापि व्याधः तस्य शत्रुः भवति।
अधोदत्तं वाक्यं श्लोकस्थ-समानार्थक-शब्दैः पुनः लिखत।
सत्पुरुषः निःस्पृहः वर्तते तथापि दुर्जनः तस्य अरिः भवति।
समस्तपदं कुरुत।
कोपेन आविष्टः - ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
व्याधेन क्रौञ्चः बाणेन विद्धः।
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
वेदान्तम् = ______
भवान्/भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवती प्रार्थयताम्।
यणसन्धिः।
उ/ऊ + विजातीयः स्वरः = व्।
मनु + ______ = मन्वन्तरम्।
योग्यरूपं योजयत।
नारदः ______ शरणं गच्छति। (विष्णु)
चतुर्थं पदं लिखत।
शम्भु - शम्भूना :: शिशु - ______।
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
आचार्ये, अपि वयं क्रीडाङ्गणे क्रीडाम?
रूपाभ्यासं कुरुत।
रचयेम
तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | ______ | जगन्ति | प्रथमा |
| अप्सरसा | ______ | ______ | तृतीया |
| ______ | ______ | मरुत्सु | सप्तमी |
| ______ | भूभृतोः | ______ | षष्ठी |
| सरितः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| ______ | तेजसी | ______ | द्वितीया |
| ______ | ______ | उषस्सु | सप्तमी |
योग्यं रूपं लिखत।
______ (सरित्) जलं शीतलम्।
समस्तपदं लिखत।
भाषायाः अभ्यासः - ______
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
देवाः भक्तान् ______। (रक्ष्)
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| तव, ते | ______ | ______ | षष्ठी |
| ______ | आभ्याम् | ______ | चतुर्थी |
| ______ | ______ | भवतः | द्वितीया |
लकार-तालिकां पूरयत।
लृट् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| क्षालयिष्यति | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | वर्धिष्येथे | ______ | मध्यमपुरुषः | |
| ______ | ______ | कोपिष्यामः | उत्तमपुरुषः |
रूपाणि परिचिनुत।
| अ. क्र. | नामरूपम् | प्रातिपदिकम् | अन्तः | लिङ्गम् | विभक्तिः | वचनम् |
| १ | भानोः | |||||
| २ | भ्रातुषु | |||||
| ३ | अस्याः |
सन्धिकोषः।
सिंहवच्च = ______ + च।
सन्धिकोषः।
धनुरासनमुच्यते = ______ + उच्यते।
सन्धिकोषः।
तच्छवासनम् = ______ + शवासनम्।
सन्धिकोषः।
समाप्तमन्वेषणकार्यम् = ______ + अन्वेषणकार्यम्।
सन्धिकोषः।
गङ्गायाश्चञ्चलतरे = ______ + चञ्चलतरे।
सन्धिकोषः।
आगतास्मि = ______ + अस्मि।
सन्धिकोषः।
______ = अन्यः + च।
'सर्व' नपुंसकलिङ्गं सर्वनाम।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| सर्वम् | ______ | ______ | प्रथमा |
| सर्वम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| सर्वेण | ______ | ______ | तृतीया |
| सर्वस्मै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| सर्वस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| सर्वस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
| सर्वस्मिन् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे सर्वे | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
समीपे = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
वि + रम् = ______
