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Question
किसी अभिक्रिया के वेग नियम को हम संतुलित रासायनिक अभिक्रिया की सहायता से निर्धारित क्यों नहीं कर सकते?
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Solution
संतुलित रासायनिक समीकरण से अधिकांशत: गलत कोटि तथा वेग नियम का आभास होता है। उदाहरणार्थ निम्नलिखित अभिक्रिया में अभिक्रिया की कोटि दस प्रतीत होती है।
\[\ce{KClO3 + 6FeSO4 + 3H2SO4 -> KCl + 3H2O + 3Fe2 (SO4)3}\]
यह वस्तुत: द्वितीय कोटि की अभिक्रिया है। वास्तव में अभिक्रिया कई पदों में होती है। इस प्रकार की अभिक्रिया की कोटि क्रियाविधि के सबसे धीमे पद द्वारा निर्धारित होती है। कोटि प्रायोगिक रूप से निर्धारित की जाती है तथा यह अभिक्रियकों की सांद्रता पर अभिक्रिया की प्रेक्षित दर की निर्भरता तक ही सीमित होती है।
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\[\ce{A(g) + 2B(g) -> 2C(g)}\]
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| प्रयोग | [A] की प्रारंभिक सांद्रता/mol L-1 |
[B] की प्रारंभिक सांद्रता/mol L-1 |
[C] के बनने की प्रारंभिक दर/mol L-1 s-1 |
| 1. | 0.30 | 0.30 | 0.10 |
| 2. | 0.30 | 0.60 | 0.40 |
| 3. | 0.60 | 0.30 | 0.20 |
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