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किसी अभिक्रिया के लिए केवल ऊष्मागतिक संभाव्यता अभिक्रिया के वेग को निर्धारित नहीं कर सकती। इसे एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।

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Question

किसी अभिक्रिया के लिए केवल ऊष्मागतिक संभाव्यता अभिक्रिया के वेग को निर्धारित नहीं कर सकती। इसे एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।

One Line Answer
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Solution

ऊष्मागतिक रूप से हीरे का ग्रैफाइट में परिवर्तन बहुत सम्भाव्य है लेकिन अभिक्रिया बहुत धीमी होती है क्योंकि इसकी सक्रियण ऊर्जा का मान बहुत अधिक होता है।

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अभिक्रिया वेग की ताप पर निर्भरता
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Chapter 4: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [Page 58]

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NCERT Exemplar Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
Chapter 4 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q III. 48. | Page 58

RELATED QUESTIONS

वेग स्थिरांक पर ताप का क्या प्रभाव पड़ता है? ताप के इस प्रभाव को मात्रात्मक रूप में कैसे प्रदर्शित कर सकते हैं?


विभिन्न तापों पर N2O5 के अपघटन के लिए वेग स्थिरांक नीचे दिए गए हैं –

T/°C 0 20 40 60 80
105 × k/s–1 0.0787 1.70 25.7 178 2140

In k एवं 1/T के मध्य ग्राफ खींचिए तथा A एवं Ea की गणना कीजिए। 30°C तथा 50°C पर वेग स्थिरांक को प्रागुक्त कीजिए।


हाइड्रोकार्बन का विघटन निम्न समीकरण के अनुसार होता है। Ea की गणना कीजिए।
k = `(4.5 xx 10^11  "s"^-1) "e"^(-28000 "K"//"T")`


निम्नलिखित अरेनियस समीकरण पर विचार कीजिए और सही विकल्प पर निशान लगाइए।

κ = `"Ae"^(-"E"_"a"//"RT")`


निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?


अभिक्रिया A ⇌ B पर विचार कीजिए। अभिक्रियकों तथा उत्पादों दोनों ही की सांद्रता 'समय' के साथ चरघातांक से बढती है। निम्नलिखित में से कौन-सा चित्र अभिक्रियकों और उत्पादों की सांद्रता में समय के साथ परिवर्तन की सही व्याख्या करता है?


ऊर्जा के मैक्सवेल बोल्ट्जमान वितरण के अनुसार ______।

  1. उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गातिज ऊर्जा प्राप्त अणुओं का अंश घटता है।
  2. उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गातिज ऊर्जा प्राप्त अणुओं का अंश बढ़ता है।
  3. उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गतिज ऊर्जा बढ़ती है।
  4. उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गतिज ऊर्जा घटती है।

ताप में वृद्ध से अभिक्रिया वेग क्यों बढ़ता है?


तीन से अधिक आणिकता वाली अभिक्रियाओं की संभावनाएँ बहुत कम क्यों होती हैं?


किसी अभिक्रिया की आणविकता शून्य क्यों नहीं हो सकती?


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