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Question
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
Options
अभिक्रिया की दर समय व्यतीत होने के साथ कम होती जाती है क्योंकि अभिक्रियकों की सांद्रता कम होने लगती है।
अभिक्रिया की दर अभिक्रिया के दौरान हर समय एक सी रहती है।
अभिक्रिया की दर ताप परिवर्तन पर निर्भर नहीं करती।
अभिक्रियकों की सांद्रता बढ़ाने से अभिक्रिया का दर कम हो जाती है।
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Solution
अभिक्रिया की दर समय व्यतीत होने के साथ कम होती जाती है क्योंकि अभिक्रियकों की सांद्रता कम होने लगती है।
स्पष्टीकरण -
प्रतिक्रिया की दर को इकाई समय में उत्पाद के अभिकारक की सांद्रता में परिवर्तन के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। अधिक विशिष्ट होने के लिए, इसे इस रूप में व्यक्त किया जा सकता है:
(i) अभिकारकों में से किसी एक की सांद्रता में कमी की दर, या
(ii) किसी एक उत्पाद की सांद्रता में वृद्धि की दर।
समय बीतने के साथ अभिकारक की सांद्रता घटती जाती है, हम कह सकते हैं कि दर भी घट रही है।
r = `(- "dx")/"dt"` (r = दर)
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10°C ताप पर A के उत्पाद में विघटन के लिए k का मान 4.5 × 103 s−1 तथा सक्रियण ऊर्जा 60 kJ mol−1 है। किस ताप पर k का मान 1.5 × 104 s−1 होगा?
उत्प्रेरक परिवर्तित करते हैं-
उत्प्रेरक की उपस्थिति में, अभिक्रिया के दौरान ऊष्मा का अवशोषण अथवा उत्सर्जन ______।
गलत कथनों को चिह्नित कीजिए।
- उत्प्रेरक अभिक्रिया को वैकल्पिक पथ उपलब्ध कराता है।
- उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को बढाता है।
- उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को कम करता है।
- उत्प्रेरक अभिक्रिया के एन्थैल्पी परिवर्तन को बदल देता है।
ऊजा के वितरण को दशाने वाले मैक्सवेल बोल्ट्जमान द्वारा दिए ग्राफ में ______।
- ताप में वृद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल स्थिर रहना चाहिए।
- ताप में वृद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल बढ़ता है।
- ताप में वुद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल घटता है।
- ताप में वृद्ध के साथ वक्र चौड़ा हो जाता है तथा दाहिनी ओर विस्थापित हो जाता है।
ऊर्जा के मैक्सवेल बोल्ट्जमान वितरण के अनुसार ______।
- उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गातिज ऊर्जा प्राप्त अणुओं का अंश घटता है।
- उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गातिज ऊर्जा प्राप्त अणुओं का अंश बढ़ता है।
- उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गतिज ऊर्जा बढ़ती है।
- उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गतिज ऊर्जा घटती है।
किसी अभिक्रिया के लिए केवल ऊष्मागतिक संभाव्यता अभिक्रिया के वेग को निर्धारित नहीं कर सकती। इसे एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।
ऑक्सैलिक अम्ल तथा KMnO4 के मध्य ऑक्सीकरण-अपचयन अनुमापन में हम अनुमापन प्रारम्भ करने से पूर्व ऑक्सैलिक अम्ल विलयन को गरम क्यों करते हैं?
किसी अभिक्रिया की आणविकता शून्य क्यों नहीं हो सकती?
अभिकथन - उत्प्रेरक की उपस्थिति में अभिक्रिया की एन्थैल्पी स्थिर रहती है।
तर्क - अभिक्रिया में भाग लेने वाला उत्प्रेरक भिन्न सक्रियण संकुल बनाता है तथा सक्रियण ऊर्जा को कम करता है परन्तु अभिक्रियकों एवं उत्पादों की ऊर्जा समान रहती है।
