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546 K ताप पर एक हाइड्रोकार्बन के अपघटन में वेग स्थिरांक 2.418 × 10−5 s−1 है। यदि सक्रियण ऊर्जा 179.9 kJ mol−1 हो तो पूर्व-घातांकी गुणन का मान क्या होगा? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Question

546 K ताप पर एक हाइड्रोकार्बन के अपघटन में वेग स्थिरांक 2.418 × 10−5 s1 है। यदि सक्रियण ऊर्जा 179.9 kJ mol1 हो तो पूर्व-घातांकी गुणन का मान क्या होगा?

Numerical
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Solution

k = 2.418 × 10−5 s−1

T = 546 K

Ea = 179.9 kJ mol−1 

आर्रेनिअस समीकरण के अनुसार,

log A = log k + `"E"_"a"/(2.303  "RT")`

= log (2.418 × 10−5) + `179.9/(2.303 xx 8.314 xx 10^(-3) xx 546)`

= (−5 + 0.3834) + 17.2081

= 12.5924 s−1

या, A = Antilog (12.5924) s−1 = 3.902 × 1012 s−1

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अभिक्रिया वेग की ताप पर निर्भरता
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Chapter 3: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [Page 89]

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NCERT Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
Chapter 3 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q 3.23 | Page 89

RELATED QUESTIONS

581 K ताप पर अभिक्रिया \[\ce{2 HI_{(g)} -> H2_{(g)} + I2_{(g)}}\] के लिए सक्रियण ऊर्जा का मान 209.5 kJ mol−1 है। अणुओं के उस अंश की गणना कीजिए जिसकी ऊर्जा सक्रियण ऊर्जा के बराबर अथवा इससे अधिक है।


वेग स्थिरांक पर ताप का क्या प्रभाव पड़ता है? ताप के इस प्रभाव को मात्रात्मक रूप में कैसे प्रदर्शित कर सकते हैं?


हाइड्रोकार्बन का विघटन निम्न समीकरण के अनुसार होता है। Ea की गणना कीजिए।
k = `(4.5 xx 10^11  "s"^-1) "e"^(-28000 "K"//"T")`


यौगिक 'A' और 'B' निम्नलिखित रासायनिक समीकरण के अनुसार अभिक्रिया करते हैं।

\[\ce{A(g) + 2B(g) -> 2C(g)}\]

किसी एक अभिक्रियक की सांद्रता स्थिर रखते हुए 'A' अथवा 'B' की सांद्रता में परिवर्तन किया गया और वेग को प्रारंभिक संद्रता के कारक के रूप में मापा गया। निम्नलिखित परिणाम प्राप्त हुए। इस अभिक्रिया के वेग समीकरण के लिए सही विकल्प चुनिए।

प्रयोग [A] की प्रारंभिक
सांद्रता/mol L-1
[B] की प्रारंभिक
सांद्रता/mol L-1
[C] के बनने की
प्रारंभिक दर/mol L-1 s-1
1. 0.30 0.30 0.10
2. 0.30 0.60 0.40
3. 0.60 0.30 0.20

गलत कथनों को चिह्नित कीजिए।

  1. उत्प्रेरक अभिक्रिया को वैकल्पिक पथ उपलब्ध कराता है।
  2. उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को बढाता है।
  3. उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को कम करता है।
  4. उत्प्रेरक अभिक्रिया के एन्थैल्पी परिवर्तन को बदल देता है।

ऊजा के वितरण को दशाने वाले मैक्सवेल बोल्ट्जमान द्वारा दिए ग्राफ में ______।

  1. ताप में वृद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल स्थिर रहना चाहिए।
  2. ताप में वृद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल बढ़ता है।
  3. ताप में वुद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल घटता है।
  4. ताप में वृद्ध के साथ वक्र चौड़ा हो जाता है तथा दाहिनी ओर विस्थापित हो जाता है।

ऊर्जा के मैक्सवेल बोल्ट्जमान वितरण के अनुसार ______।

  1. उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गातिज ऊर्जा प्राप्त अणुओं का अंश घटता है।
  2. उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गातिज ऊर्जा प्राप्त अणुओं का अंश बढ़ता है।
  3. उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गतिज ऊर्जा बढ़ती है।
  4. उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गतिज ऊर्जा घटती है।

स्पष्ट कीजिए कि H2(g) तथा O2(g) के मध्य अभिक्रिया अति संभाव्य है परन्तु गैसों को एक ही पात्र में कमरे के ताप पर रखने से जल क्यों नहीं बनता।


तीन से अधिक आणिकता वाली अभिक्रियाओं की संभावनाएँ बहुत कम क्यों होती हैं?


अभिकथन - उत्प्रेरक की उपस्थिति में अभिक्रिया की एन्थैल्पी स्थिर रहती है।

तर्क - अभिक्रिया में भाग लेने वाला उत्प्रेरक भिन्न सक्रियण संकुल बनाता है तथा सक्रियण ऊर्जा को कम करता है परन्तु अभिक्रियकों एवं उत्पादों की ऊर्जा समान रहती है।


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