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Question
उत्प्रेरक की उपस्थिति में, अभिक्रिया के दौरान ऊष्मा का अवशोषण अथवा उत्सर्जन ______।
Options
बढता है।
घटता है।
अपरिवर्तित रहता है।
बढ़ अथवा घट सकता है।
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Solution
उत्प्रेरक की उपस्थिति में, अभिक्रिया के दौरान ऊष्मा का अवशोषण अथवा उत्सर्जन अपरिवर्तित रहता है।
स्पष्टीकरण -
उष्मा उत्प्रेरक का कार्य नहीं है। एक अभिक्रिया के तापीय धारिता में परिवर्तन केवल अभिकारकों और उत्पाद की रासायनिक रचनाओं पर निर्भर करता है न कि एक से दूसरे तक जाने के लिए किए गए पथ पर। अत: , अभिक्रिया की तापीय धारिता को बदलने में उत्प्रेरक की कोई भूमिका नहीं है। अत:, यह वृद्धि नही करता है।
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परमताप, 298 K में 10 K की वृद्धि होने पर रासायनिक अभिक्रिया का वेग दुगुना हो जाता है। इस अभिक्रिया के लिए Ea की गणना कीजिए।
उत्प्रेरक परिवर्तित करते हैं-
यौगिक 'A' और 'B' निम्नलिखित रासायनिक समीकरण के अनुसार अभिक्रिया करते हैं।
\[\ce{A(g) + 2B(g) -> 2C(g)}\]
किसी एक अभिक्रियक की सांद्रता स्थिर रखते हुए 'A' अथवा 'B' की सांद्रता में परिवर्तन किया गया और वेग को प्रारंभिक संद्रता के कारक के रूप में मापा गया। निम्नलिखित परिणाम प्राप्त हुए। इस अभिक्रिया के वेग समीकरण के लिए सही विकल्प चुनिए।
| प्रयोग | [A] की प्रारंभिक सांद्रता/mol L-1 |
[B] की प्रारंभिक सांद्रता/mol L-1 |
[C] के बनने की प्रारंभिक दर/mol L-1 s-1 |
| 1. | 0.30 | 0.30 | 0.10 |
| 2. | 0.30 | 0.60 | 0.40 |
| 3. | 0.60 | 0.30 | 0.20 |
गलत कथनों को चिह्नित कीजिए।
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- उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को बढाता है।
- उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को कम करता है।
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- उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गातिज ऊर्जा प्राप्त अणुओं का अंश बढ़ता है।
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