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उत्प्रेरक की उपस्थिति में, अभिक्रिया के दौरान ऊष्मा का अवशोषण अथवा उत्सर्जन ______।

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Question

उत्प्रेरक की उपस्थिति में, अभिक्रिया के दौरान ऊष्मा का अवशोषण अथवा उत्सर्जन ______।

Options

  • बढता है।

  • घटता है।

  • अपरिवर्तित रहता है।

  • बढ़ अथवा घट सकता है।

MCQ
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Solution

उत्प्रेरक की उपस्थिति में, अभिक्रिया के दौरान ऊष्मा का अवशोषण अथवा उत्सर्जन अपरिवर्तित रहता है

स्पष्टीकरण -

उष्मा उत्प्रेरक का कार्य नहीं है। एक अभिक्रिया के तापीय धारिता में परिवर्तन केवल अभिकारकों और उत्पाद की रासायनिक रचनाओं पर निर्भर करता है न कि एक से दूसरे तक जाने के लिए किए गए पथ पर। अत: , अभिक्रिया की तापीय धारिता को बदलने में उत्प्रेरक की कोई भूमिका नहीं है। अत:, यह वृद्धि नही करता है।

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अभिक्रिया वेग की ताप पर निर्भरता
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Chapter 4: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [Page 49]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
Chapter 4 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q I. 2. | Page 49

RELATED QUESTIONS

ताप का वेग स्थिरांक पर क्या प्रभाव होगा?


परमताप, 298 K में 10 K की वृद्धि होने पर रासायनिक अभिक्रिया का वेग दुगुना हो जाता है। इस अभिक्रिया के लिए Ea की गणना कीजिए।


उत्प्रेरक परिवर्तित करते हैं-


यौगिक 'A' और 'B' निम्नलिखित रासायनिक समीकरण के अनुसार अभिक्रिया करते हैं।

\[\ce{A(g) + 2B(g) -> 2C(g)}\]

किसी एक अभिक्रियक की सांद्रता स्थिर रखते हुए 'A' अथवा 'B' की सांद्रता में परिवर्तन किया गया और वेग को प्रारंभिक संद्रता के कारक के रूप में मापा गया। निम्नलिखित परिणाम प्राप्त हुए। इस अभिक्रिया के वेग समीकरण के लिए सही विकल्प चुनिए।

प्रयोग [A] की प्रारंभिक
सांद्रता/mol L-1
[B] की प्रारंभिक
सांद्रता/mol L-1
[C] के बनने की
प्रारंभिक दर/mol L-1 s-1
1. 0.30 0.30 0.10
2. 0.30 0.60 0.40
3. 0.60 0.30 0.20

गलत कथनों को चिह्नित कीजिए।

  1. उत्प्रेरक अभिक्रिया को वैकल्पिक पथ उपलब्ध कराता है।
  2. उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को बढाता है।
  3. उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को कम करता है।
  4. उत्प्रेरक अभिक्रिया के एन्थैल्पी परिवर्तन को बदल देता है।

ऊर्जा के मैक्सवेल बोल्ट्जमान वितरण के अनुसार ______।

  1. उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गातिज ऊर्जा प्राप्त अणुओं का अंश घटता है।
  2. उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गातिज ऊर्जा प्राप्त अणुओं का अंश बढ़ता है।
  3. उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गतिज ऊर्जा बढ़ती है।
  4. उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गतिज ऊर्जा घटती है।

ताप में वृद्ध से अभिक्रिया वेग क्यों बढ़ता है?


तीन से अधिक आणिकता वाली अभिक्रियाओं की संभावनाएँ बहुत कम क्यों होती हैं?


किसी अभिक्रिया के लिए केवल ऊष्मागतिक संभाव्यता अभिक्रिया के वेग को निर्धारित नहीं कर सकती। इसे एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।


किसी अभिक्रिया की आणविकता शून्य क्यों नहीं हो सकती?


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