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उत्प्रेरक परिवर्तित करते हैं- (i) अभिक्रिया की गिब्ज़ ऊर्जा (ii) अभिक्रिया की एन्थेल्पी

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Question

उत्प्रेरक परिवर्तित करते हैं-

Options

  • अभिक्रिया की गिब्ज़ ऊर्जा

  • अभिक्रिया की एन्थेल्पी

  • अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा

  • साम्यावस्था स्थिरांक

MCQ
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Solution

अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा

स्पष्टीकरण -

एक उत्प्रेरक एक पदार्थ है जो प्रक्रिया में उपयोग किए बिना अभिक्रिया की दर को बढ़ाता है। उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को कम करके या अभिक्रिया तंत्र को बदलकर अभिक्रिया की गति बढ़ाते हैं। यह एक नया अभिक्रिया मार्ग प्रदान करता है जिसमें सक्रियण ऊर्जा कम होती है।

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अभिक्रिया वेग की ताप पर निर्भरता
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Chapter 4: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [Page 49]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Chemistry [Hindi] Class 12
Chapter 4 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q I. 1. | Page 49

RELATED QUESTIONS

581 K ताप पर अभिक्रिया \[\ce{2 HI_{(g)} -> H2_{(g)} + I2_{(g)}}\] के लिए सक्रियण ऊर्जा का मान 209.5 kJ mol−1 है। अणुओं के उस अंश की गणना कीजिए जिसकी ऊर्जा सक्रियण ऊर्जा के बराबर अथवा इससे अधिक है।


वेग स्थिरांक पर ताप का क्या प्रभाव पड़ता है? ताप के इस प्रभाव को मात्रात्मक रूप में कैसे प्रदर्शित कर सकते हैं?


विभिन्न तापों पर N2O5 के अपघटन के लिए वेग स्थिरांक नीचे दिए गए हैं –

T/°C 0 20 40 60 80
105 × k/s–1 0.0787 1.70 25.7 178 2140

In k एवं 1/T के मध्य ग्राफ खींचिए तथा A एवं Ea की गणना कीजिए। 30°C तथा 50°C पर वेग स्थिरांक को प्रागुक्त कीजिए।


निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?


यौगिक 'A' और 'B' निम्नलिखित रासायनिक समीकरण के अनुसार अभिक्रिया करते हैं।

\[\ce{A(g) + 2B(g) -> 2C(g)}\]

किसी एक अभिक्रियक की सांद्रता स्थिर रखते हुए 'A' अथवा 'B' की सांद्रता में परिवर्तन किया गया और वेग को प्रारंभिक संद्रता के कारक के रूप में मापा गया। निम्नलिखित परिणाम प्राप्त हुए। इस अभिक्रिया के वेग समीकरण के लिए सही विकल्प चुनिए।

प्रयोग [A] की प्रारंभिक
सांद्रता/mol L-1
[B] की प्रारंभिक
सांद्रता/mol L-1
[C] के बनने की
प्रारंभिक दर/mol L-1 s-1
1. 0.30 0.30 0.10
2. 0.30 0.60 0.40
3. 0.60 0.30 0.20

स्पष्ट कीजिए कि H2(g) तथा O2(g) के मध्य अभिक्रिया अति संभाव्य है परन्तु गैसों को एक ही पात्र में कमरे के ताप पर रखने से जल क्यों नहीं बनता।


कक्ष ताप पर वायु में ऑक्सीजन प्रचुरता से उपलब्ध होने पर भी ईंधन स्वयं क्यों नहीं जलते?


तीन से अधिक आणिकता वाली अभिक्रियाओं की संभावनाएँ बहुत कम क्यों होती हैं?


किसी अभिक्रिया के वेग नियम को हम संतुलित रासायनिक अभिक्रिया की सहायता से निर्धारित क्यों नहीं कर सकते?


ताप बढाने से सक्रियण ऊर्जा तथा सर्वाधिक सम्भाव्य गतिज ऊर्जा पर क्या प्रभाव पड़ेगा?


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