Advertisements
Advertisements
प्रश्न
उत्प्रेरक परिवर्तित करते हैं-
पर्याय
अभिक्रिया की गिब्ज़ ऊर्जा
अभिक्रिया की एन्थेल्पी
अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा
साम्यावस्था स्थिरांक
Advertisements
उत्तर
अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा
स्पष्टीकरण -
एक उत्प्रेरक एक पदार्थ है जो प्रक्रिया में उपयोग किए बिना अभिक्रिया की दर को बढ़ाता है। उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को कम करके या अभिक्रिया तंत्र को बदलकर अभिक्रिया की गति बढ़ाते हैं। यह एक नया अभिक्रिया मार्ग प्रदान करता है जिसमें सक्रियण ऊर्जा कम होती है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
ताप का वेग स्थिरांक पर क्या प्रभाव होगा?
परमताप, 298 K में 10 K की वृद्धि होने पर रासायनिक अभिक्रिया का वेग दुगुना हो जाता है। इस अभिक्रिया के लिए Ea की गणना कीजिए।
581 K ताप पर अभिक्रिया \[\ce{2 HI_{(g)} -> H2_{(g)} + I2_{(g)}}\] के लिए सक्रियण ऊर्जा का मान 209.5 kJ mol−1 है। अणुओं के उस अंश की गणना कीजिए जिसकी ऊर्जा सक्रियण ऊर्जा के बराबर अथवा इससे अधिक है।
10°C ताप पर A के उत्पाद में विघटन के लिए k का मान 4.5 × 103 s−1 तथा सक्रियण ऊर्जा 60 kJ mol−1 है। किस ताप पर k का मान 1.5 × 104 s−1 होगा?
निम्नलिखित में से कौन-सा ग्राफ ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया को प्रदर्शित करता है-
(क)

(ख)

(ग)

कक्ष ताप पर वायु में ऑक्सीजन प्रचुरता से उपलब्ध होने पर भी ईंधन स्वयं क्यों नहीं जलते?
सामान्यत:, अभिक्रिया के दौरान अभिक्रिया वेग घटता क्यों है?
किसी अभिक्रिया के लिए केवल ऊष्मागतिक संभाव्यता अभिक्रिया के वेग को निर्धारित नहीं कर सकती। इसे एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।
किसी अभिक्रिया की आणविकता शून्य क्यों नहीं हो सकती?
किसी अभिक्रिया के वेग नियम को हम संतुलित रासायनिक अभिक्रिया की सहायता से निर्धारित क्यों नहीं कर सकते?
