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प्रश्न
किसी अभिक्रिया के वेग नियम को हम संतुलित रासायनिक अभिक्रिया की सहायता से निर्धारित क्यों नहीं कर सकते?
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उत्तर
संतुलित रासायनिक समीकरण से अधिकांशत: गलत कोटि तथा वेग नियम का आभास होता है। उदाहरणार्थ निम्नलिखित अभिक्रिया में अभिक्रिया की कोटि दस प्रतीत होती है।
\[\ce{KClO3 + 6FeSO4 + 3H2SO4 -> KCl + 3H2O + 3Fe2 (SO4)3}\]
यह वस्तुत: द्वितीय कोटि की अभिक्रिया है। वास्तव में अभिक्रिया कई पदों में होती है। इस प्रकार की अभिक्रिया की कोटि क्रियाविधि के सबसे धीमे पद द्वारा निर्धारित होती है। कोटि प्रायोगिक रूप से निर्धारित की जाती है तथा यह अभिक्रियकों की सांद्रता पर अभिक्रिया की प्रेक्षित दर की निर्भरता तक ही सीमित होती है।
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परमताप, 298 K में 10 K की वृद्धि होने पर रासायनिक अभिक्रिया का वेग दुगुना हो जाता है। इस अभिक्रिया के लिए Ea की गणना कीजिए।
विभिन्न तापों पर N2O5 के अपघटन के लिए वेग स्थिरांक नीचे दिए गए हैं –
| T/°C | 0 | 20 | 40 | 60 | 80 |
| 105 × k/s–1 | 0.0787 | 1.70 | 25.7 | 178 | 2140 |
In k एवं 1/T के मध्य ग्राफ खींचिए तथा A एवं Ea की गणना कीजिए। 30°C तथा 50°C पर वेग स्थिरांक को प्रागुक्त कीजिए।
हाइड्रोकार्बन का विघटन निम्न समीकरण के अनुसार होता है। Ea की गणना कीजिए।
k = `(4.5 xx 10^11 "s"^-1) "e"^(-28000 "K"//"T")`
10°C ताप पर A के उत्पाद में विघटन के लिए k का मान 4.5 × 103 s−1 तथा सक्रियण ऊर्जा 60 kJ mol−1 है। किस ताप पर k का मान 1.5 × 104 s−1 होगा?
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\[\ce{A(g) + 2B(g) -> 2C(g)}\]
किसी एक अभिक्रियक की सांद्रता स्थिर रखते हुए 'A' अथवा 'B' की सांद्रता में परिवर्तन किया गया और वेग को प्रारंभिक संद्रता के कारक के रूप में मापा गया। निम्नलिखित परिणाम प्राप्त हुए। इस अभिक्रिया के वेग समीकरण के लिए सही विकल्प चुनिए।
| प्रयोग | [A] की प्रारंभिक सांद्रता/mol L-1 |
[B] की प्रारंभिक सांद्रता/mol L-1 |
[C] के बनने की प्रारंभिक दर/mol L-1 s-1 |
| 1. | 0.30 | 0.30 | 0.10 |
| 2. | 0.30 | 0.60 | 0.40 |
| 3. | 0.60 | 0.30 | 0.20 |
ऊर्जा के मैक्सवेल बोल्ट्जमान वितरण के अनुसार ______।
- उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गातिज ऊर्जा प्राप्त अणुओं का अंश घटता है।
- उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गातिज ऊर्जा प्राप्त अणुओं का अंश बढ़ता है।
- उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गतिज ऊर्जा बढ़ती है।
- उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गतिज ऊर्जा घटती है।
सामान्यत:, अभिक्रिया के दौरान अभिक्रिया वेग घटता क्यों है?
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