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प्रश्न
किसी अभिक्रिया के वेग नियम को हम संतुलित रासायनिक अभिक्रिया की सहायता से निर्धारित क्यों नहीं कर सकते?
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उत्तर
संतुलित रासायनिक समीकरण से अधिकांशत: गलत कोटि तथा वेग नियम का आभास होता है। उदाहरणार्थ निम्नलिखित अभिक्रिया में अभिक्रिया की कोटि दस प्रतीत होती है।
\[\ce{KClO3 + 6FeSO4 + 3H2SO4 -> KCl + 3H2O + 3Fe2 (SO4)3}\]
यह वस्तुत: द्वितीय कोटि की अभिक्रिया है। वास्तव में अभिक्रिया कई पदों में होती है। इस प्रकार की अभिक्रिया की कोटि क्रियाविधि के सबसे धीमे पद द्वारा निर्धारित होती है। कोटि प्रायोगिक रूप से निर्धारित की जाती है तथा यह अभिक्रियकों की सांद्रता पर अभिक्रिया की प्रेक्षित दर की निर्भरता तक ही सीमित होती है।
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