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प्रश्न
ताप बढाने से सक्रियण ऊर्जा तथा सर्वाधिक सम्भाव्य गतिज ऊर्जा पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
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उत्तर
जब गतिकी ऊर्जा को तापमान में वृद्धि द्वारा वक्र की अधिकतम सीमा तक सक्रिय किया जाता है, तो यह उच्च ऊर्जा मूल्य पर चला जाता है और वक्र चौड़ा हो जाता है ताकि अणुओं का अधिक अनुपात अधिक उच्च ऊर्जा के साथ हो। सबसे अधिक, गतिज ऊर्जा सीधे तापमान के समानुपाती होती है। सक्रियण ऊर्जा में कमी के कारण तापमान में वृद्धि के परिणामस्वरूप अभिक्रिया की दर में वृद्धि होगी।


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विभिन्न तापों पर N2O5 के अपघटन के लिए वेग स्थिरांक नीचे दिए गए हैं –
| T/°C | 0 | 20 | 40 | 60 | 80 |
| 105 × k/s–1 | 0.0787 | 1.70 | 25.7 | 178 | 2140 |
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उत्प्रेरक परिवर्तित करते हैं-
उत्प्रेरक की उपस्थिति में, अभिक्रिया के दौरान ऊष्मा का अवशोषण अथवा उत्सर्जन ______।
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