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ताप बढाने से सक्रियण ऊर्जा तथा सर्वाधिक सम्भाव्य गतिज ऊर्जा पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

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प्रश्न

ताप बढाने से सक्रियण ऊर्जा तथा सर्वाधिक सम्भाव्य गतिज ऊर्जा पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

दीर्घउत्तर
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उत्तर

जब गतिकी ऊर्जा को तापमान में वृद्धि द्वारा वक्र की अधिकतम सीमा तक सक्रिय किया जाता है, तो यह उच्च ऊर्जा मूल्य पर चला जाता है और वक्र चौड़ा हो जाता है ताकि अणुओं का अधिक अनुपात अधिक उच्च ऊर्जा के साथ हो। सबसे अधिक, गतिज ऊर्जा सीधे तापमान के समानुपाती होती है। सक्रियण ऊर्जा में कमी के कारण तापमान में वृद्धि के परिणामस्वरूप अभिक्रिया की दर में वृद्धि होगी।

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अभिक्रिया वेग की ताप पर निर्भरता
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अध्याय 4: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [पृष्ठ ६१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
अध्याय 4 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q VI. 63. | पृष्ठ ६१

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T/°C 0 20 40 60 80
105 × k/s–1 0.0787 1.70 25.7 178 2140

In k एवं 1/T के मध्य ग्राफ खींचिए तथा A एवं Ea की गणना कीजिए। 30°C तथा 50°C पर वेग स्थिरांक को प्रागुक्त कीजिए।


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उत्प्रेरक की उपस्थिति में, अभिक्रिया के दौरान ऊष्मा का अवशोषण अथवा उत्सर्जन ______।


निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?


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