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प्रश्न
अभिक्रिया में अणुओं के बहुत बड़े अंश की ऊर्जा देहली ऊर्जा से अधिक है फिर भी अभिक्रिया वेग बहुत कम है, ऐसा क्यों है?
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उत्तर
संघट्ट सिद्धांत के अनुसार होने वाली प्रतिक्रिया के लिए दो सबसे महत्वपूर्ण शर्तें हैं:
- संघट्ट के समय ऊर्जा सक्रियण ऊर्जा और अभिकारक अणुओं के उचित अभिविन्यास से अधिक होती है।
- इसलिए जब प्रतिक्रिया होती है तो जिन अणुओं का उचित अभिविन्यास नहीं होता है, वे प्रतिक्रिया की दर को कम कर देते हैं।
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581 K ताप पर अभिक्रिया \[\ce{2 HI_{(g)} -> H2_{(g)} + I2_{(g)}}\] के लिए सक्रियण ऊर्जा का मान 209.5 kJ mol−1 है। अणुओं के उस अंश की गणना कीजिए जिसकी ऊर्जा सक्रियण ऊर्जा के बराबर अथवा इससे अधिक है।
निम्नलिखित में से कौन-सा ग्राफ ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया को प्रदर्शित करता है-
(क)

(ख)

(ग)

उत्प्रेरक के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही कथन नहीं है?
अभिक्रिया A ⇌ B पर विचार कीजिए। अभिक्रियकों तथा उत्पादों दोनों ही की सांद्रता 'समय' के साथ चरघातांक से बढती है। निम्नलिखित में से कौन-सा चित्र अभिक्रियकों और उत्पादों की सांद्रता में समय के साथ परिवर्तन की सही व्याख्या करता है?
गलत कथनों को चिह्नित कीजिए।
- उत्प्रेरक अभिक्रिया को वैकल्पिक पथ उपलब्ध कराता है।
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निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अरेनियस समीकरण के अनुसार है?
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स्पष्ट कीजिए कि H2(g) तथा O2(g) के मध्य अभिक्रिया अति संभाव्य है परन्तु गैसों को एक ही पात्र में कमरे के ताप पर रखने से जल क्यों नहीं बनता।
ताप में वृद्ध से अभिक्रिया वेग क्यों बढ़ता है?
किसी अभिक्रिया की आणविकता शून्य क्यों नहीं हो सकती?
अभिकथन - उत्प्रेरक की उपस्थिति में अभिक्रिया की एन्थैल्पी स्थिर रहती है।
तर्क - अभिक्रिया में भाग लेने वाला उत्प्रेरक भिन्न सक्रियण संकुल बनाता है तथा सक्रियण ऊर्जा को कम करता है परन्तु अभिक्रियकों एवं उत्पादों की ऊर्जा समान रहती है।
