हिंदी

स्पष्ट कीजिए कि क्या शून्य कोटि अभिक्रिया के लिए अणुसंख्यकता शून्य होगी।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

स्पष्ट कीजिए कि क्या शून्य कोटि अभिक्रिया के लिए अणुसंख्यकता शून्य होगी।

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

किसी भी अभिक्रिया की आणविकता प्राथमिक अभिक्रिया में भाग लेने वाली प्रतिक्रियाशील प्रजातियों की संख्या है। शून्य आणविकता का अर्थ है कि कोई अभिकारक नहीं है इसलिए अभिक्रिया नहीं होती है। इसलिए अभिक्रिया के लिए आणविकता शून्य नहीं हो सकती है।

shaalaa.com
समाकलित वेग समीकरण
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 4: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [पृष्ठ ५८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
अध्याय 4 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q III. 41. | पृष्ठ ५८

संबंधित प्रश्न

एक प्रथम कोटि की अभिक्रिया 1.26 × 1014s में 50% पूर्ण होती है। 100% पूर्ण होने में इसे कितना समय लगेगा?


प्रथम कोटी की अभिक्रिया के लिए निम्नलिखित में से कौन-से ग्राफ सही हैं?

(i)

(ii)

(iii)

(iv)


किस प्रकार की अभिक्रियाओं के लिए आणिवकता तथा कोटि के मान समान होते हैं?


शून्य कोटि अभिक्रिया के पूर्ण होने में लगने वाले समय के परिकलन के लिए व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए।


एक सामान्य अभिक्रिया A →B के लिए A की सांद्रता तथा समय के मध्य ग्राफ चित्र में दिया गया है।

  1. अभिक्रिया की कोटि क्या है?
  2. वक्र का ढाल क्या है?
  3. वेग स्थिरांक की इकाई क्या है?


कॉलम I में दिए गए ग्राफ और कॉलम II में दी गई अभिक्रिया की कोटि को सुमेलित कीजिए। कॉलम I के एक से अधिक पद्, कॉलम II के समान पद से संबंधित हो सकते हैं।

कॉलम I कॉलम II

(i)

 

(ii)

(a) प्रथम कोटि

(iii) 

(b) शून्य कोटि

(iv)

 

कॉलम I और कॉलम II में दिए गए कथनों को सुमेलित कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) अभिक्रिया वेग का गणितीय व्यंजक (a) वेग स्सिरांक के
 

(ii) शून्य कोटि की अभिक्रिया के लिए अभिक्रिया
वेग बराबर होता है।

(b) वेग नियम अभिक्रिया वेग बराबर होता है।
 

(iii) शून्य कोटि के लिए वेग स्थिरांक की इकाई
सामान होती है।

(c) सबसे धीमे चरण की कोटि
(iv) एक जटिल अभिक्रिया की कोटि निर्थारित होती है। (d) अभिक्रिया की दर होती है।

अभिकथन - अभिक्रिया की कोटि शून्य अथवा भिन्नात्मक हो सकती है।

तर्क - संतुलित रासायनिक समीकरण से हम कोटि का निर्धारण नहीं कर सकते।


अभिकथन - कोटि एवं आणिवकता एकसमान होती हैं।

तर्क - कोटि का निर्धारण प्रयोग द्वारा होता है तथा आणिवकता वेग निर्धारक प्राथमिक चरण में स्टॉइकियोमितीय गुणांक का योग होती है।


एक उदाहरण की सहायता से समझाइए कि छद्म प्रथम कोटि अभिक्रिया से क्या अभिप्राय है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×