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प्रश्न
स्पष्ट कीजिए कि क्या शून्य कोटि अभिक्रिया के लिए अणुसंख्यकता शून्य होगी।
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उत्तर
किसी भी अभिक्रिया की आणविकता प्राथमिक अभिक्रिया में भाग लेने वाली प्रतिक्रियाशील प्रजातियों की संख्या है। शून्य आणविकता का अर्थ है कि कोई अभिकारक नहीं है इसलिए अभिक्रिया नहीं होती है। इसलिए अभिक्रिया के लिए आणविकता शून्य नहीं हो सकती है।
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प्रथम कोटी की अभिक्रिया के लिए निम्नलिखित में से कौन-से ग्राफ सही हैं?
(i)

(ii)

(iii)

(iv)

यदि अभिक्रिया, 2A + B → C शून्य कोटि की हो तो इसके लिए अभिक्रिया वेग लिखिए।
शून्य कोटि अभिक्रिया के पूर्ण होने में लगने वाले समय के परिकलन के लिए व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए।
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- अभिक्रिया की कोटि क्या है?
- वक्र का ढाल क्या है?
- वेग स्थिरांक की इकाई क्या है?

कॉलम I में दिए गए ग्राफ और कॉलम II में दी गई अभिक्रिया की कोटि को सुमेलित कीजिए। कॉलम I के एक से अधिक पद्, कॉलम II के समान पद से संबंधित हो सकते हैं।
| कॉलम I | कॉलम II |
|
(i)
|
|
|
(ii)
|
(a) प्रथम कोटि |
|
(iii)
|
(b) शून्य कोटि |
|
(iv)
|
अभिकथन - अभिक्रिया की कोटि शून्य अथवा भिन्नात्मक हो सकती है।
तर्क - संतुलित रासायनिक समीकरण से हम कोटि का निर्धारण नहीं कर सकते।
अभिकथन - कोटि एवं आणिवकता एकसमान होती हैं।
तर्क - कोटि का निर्धारण प्रयोग द्वारा होता है तथा आणिवकता वेग निर्धारक प्राथमिक चरण में स्टॉइकियोमितीय गुणांक का योग होती है।
एक उदाहरण की सहायता से समझाइए कि छद्म प्रथम कोटि अभिक्रिया से क्या अभिप्राय है?




