मराठी

एक छद्म प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक का मान ______।

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प्रश्न

एक छद्म प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक का मान ______।

पर्याय

  • अल्प मात्रा में उपस्थित अभिक्रियकों की सांद्रता पर निर्भर करता है।

  • आधिक्य में उपस्थित अभिक्रियकों की सांद्रता पर निर्भर करता है।

  • अभिक्रियकों की सांद्रता पर निर्भर नहीं करता है।

  • केवल ताप पर निर्भर करता है।

MCQ
रिकाम्या जागा भरा
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उत्तर

एक छद्म प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक का मान आधिक्य में उपस्थित अभिक्रियकों की सांद्रता पर निर्भर करता है।

स्पष्टीकरण -

छद्म-प्रथम-क्रम की प्रतिक्रिया एक आदेश प्रतीत होती है, यह दूसरे क्रम से संबंधित है। यह दूसरे क्रम की प्रतिक्रिया है क्योंकि इसमें दो अभिकारक शामिल हैं।

प्रतिक्रियाओं को इस प्रकार समझाया गया है-

\[\ce{CH3Br + OH -> CH3OH + Br}\]

तो, प्रतिक्रिया के लिए दर कानून है

दर = \[\ce{k[OH][CH3Br]}\]

दर = \[\ce{k[OH][CH3Br] = k(constant) [CH3Br] = K' [CH3Br]}\]

प्रतिक्रिया के दौरान केवल CH3Br की सांद्रता बदल जाएगी और दर प्रतिक्रिया के संशोधनों द्वारा निर्धारित की जाएगी।

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समाकलित वेग समीकरण
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 4: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [पृष्ठ ५४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
पाठ 4 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q I. 19. | पृष्ठ ५४

संबंधित प्रश्‍न

अभिक्रिया की कोटि के बारे में कौन-सा कथन सही नहीं है?


प्रथम कोटी की अभिक्रिया के लिए निम्नलिखित में से कौन-से ग्राफ सही हैं?

(i)

(ii)

(iii)

(iv)


किस प्रकार की अभिक्रियाओं के लिए आणिवकता तथा कोटि के मान समान होते हैं?


शून्य कोटि अभिक्रिया के पूर्ण होने में लगने वाले समय के परिकलन के लिए व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए।


स्पष्ट कीजिए कि क्या शून्य कोटि अभिक्रिया के लिए अणुसंख्यकता शून्य होगी।


आण्विकता केवल प्राथमिक अभिक्रिया के लिए अनुप्रयोज्य क्यों है, जबकि अभिक्रिया की कोटि प्राथमिक तथा जटिल दोनों के लिए अनुप्रयोज्य है?


कॉलम I और कॉलम II में दिए गए कथनों को सुमेलित कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) अभिक्रिया वेग का गणितीय व्यंजक (a) वेग स्सिरांक के
 

(ii) शून्य कोटि की अभिक्रिया के लिए अभिक्रिया
वेग बराबर होता है।

(b) वेग नियम अभिक्रिया वेग बराबर होता है।
 

(iii) शून्य कोटि के लिए वेग स्थिरांक की इकाई
सामान होती है।

(c) सबसे धीमे चरण की कोटि
(iv) एक जटिल अभिक्रिया की कोटि निर्थारित होती है। (d) अभिक्रिया की दर होती है।

अभिकथन - अभिक्रिया की कोटि शून्य अथवा भिन्नात्मक हो सकती है।

तर्क - संतुलित रासायनिक समीकरण से हम कोटि का निर्धारण नहीं कर सकते।


अभिकथन - कोटि एवं आणिवकता एकसमान होती हैं।

तर्क - कोटि का निर्धारण प्रयोग द्वारा होता है तथा आणिवकता वेग निर्धारक प्राथमिक चरण में स्टॉइकियोमितीय गुणांक का योग होती है।


एक उदाहरण की सहायता से समझाइए कि छद्म प्रथम कोटि अभिक्रिया से क्या अभिप्राय है?


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