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एक सामान्य अभिक्रिया A →B के लिए A की सांद्रता तथा समय के मध्य ग्राफ चित्र में दिया गया है। (i) अभिक्रिया की कोटि क्या है? (i) वक्र का ढाल क्या है? (iii) वेग स्थिरांक की इकाई क्या है?

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प्रश्न

एक सामान्य अभिक्रिया A →B के लिए A की सांद्रता तथा समय के मध्य ग्राफ चित्र में दिया गया है।

  1. अभिक्रिया की कोटि क्या है?
  2. वक्र का ढाल क्या है?
  3. वेग स्थिरांक की इकाई क्या है?

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

(i) शून्य कोटि की अभिक्रिया

(ii) [R] – [R]0 – kt

∴ ढाल = - k

(iii) `("mol"^-1 "L")/"s"^-1` = k[A]0 or k = mol–1 Ls–1 

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समाकलित वेग समीकरण
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 4: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [पृष्ठ ५८]

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एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
अध्याय 4 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q III. 42. | पृष्ठ ५८

संबंधित प्रश्न

एक प्राथमिक अभिक्रिया की संतुलित रासायनिक समीकरण के लिए कौन-से कथन लागू होते है ?

  1. कोटि, आण्विकता के समान होती है।
  2. कोटि, आण्विकता से कम होती है।
  3. कोटि, आण्विकता से अधिक होती है।
  4.  अभिक्रिया की आण्विकता कभी शून्य नहीं हो सकती।

उच्च दाब पर निम्नलिखित अभिक्रिया शून्यकोटि की है।

\[\ce{2NH3 (g) ->[1130 K][\text{प्लैटिनम उत्प्रेरक}] N2(g) + 3H2 (g)}\]

इस अभिक्रिया के लिए कौन-से विकल्प सही है?

  1. अभिक्रिया का वेग = वेग स्थिरांक
  2. अभिक्रिया की दर अमोनिया की सांद्रता पर निर्भर करती है।
  3. अमोनियम के विघटन की दर संपूर्ण अमोनिया विघटित होने तक स्थिर रहेगी।
  4. दाब में और अधिक वृद्धि अभिक्रिया की दर परिवर्तित कर देगी।

प्रथम कोटी की अभिक्रिया के लिए निम्नलिखित में से कौन-से ग्राफ सही हैं?

(i)

(ii)

(iii)

(iv)


यदि अभिक्रिया, 2A + B → C शून्य कोटि की हो तो इसके लिए अभिक्रिया वेग लिखिए।


स्पष्ट कीजिए कि क्या शून्य कोटि अभिक्रिया के लिए अणुसंख्यकता शून्य होगी।


आण्विकता केवल प्राथमिक अभिक्रिया के लिए अनुप्रयोज्य क्यों है, जबकि अभिक्रिया की कोटि प्राथमिक तथा जटिल दोनों के लिए अनुप्रयोज्य है?


कॉलम I में दिए गए ग्राफ और कॉलम II में दी गई अभिक्रिया की कोटि को सुमेलित कीजिए। कॉलम I के एक से अधिक पद्, कॉलम II के समान पद से संबंधित हो सकते हैं।

कॉलम I कॉलम II

(i)

 

(ii)

(a) प्रथम कोटि

(iii) 

(b) शून्य कोटि

(iv)

 

अभिकथन - अभिक्रिया की कोटि शून्य अथवा भिन्नात्मक हो सकती है।

तर्क - संतुलित रासायनिक समीकरण से हम कोटि का निर्धारण नहीं कर सकते।


अभिकथन - कोटि एवं आणिवकता एकसमान होती हैं।

तर्क - कोटि का निर्धारण प्रयोग द्वारा होता है तथा आणिवकता वेग निर्धारक प्राथमिक चरण में स्टॉइकियोमितीय गुणांक का योग होती है।


एक उदाहरण की सहायता से समझाइए कि छद्म प्रथम कोटि अभिक्रिया से क्या अभिप्राय है?


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