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प्रश्न
स्पष्ट कीजिए कि H2(g) तथा O2(g) के मध्य अभिक्रिया अति संभाव्य है परन्तु गैसों को एक ही पात्र में कमरे के ताप पर रखने से जल क्यों नहीं बनता।
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उत्तर
\[\ce{2H2 (g) + O2 (g) -> 2H2O (I)}\]
यह अभिक्रिया कक्ष में नहीं होती है क्योंकि अभिक्रिया की सक्रियता ऊर्जा बहुत अधिक होती है।
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ताप का वेग स्थिरांक पर क्या प्रभाव होगा?
परमताप, 298 K में 10 K की वृद्धि होने पर रासायनिक अभिक्रिया का वेग दुगुना हो जाता है। इस अभिक्रिया के लिए Ea की गणना कीजिए।
581 K ताप पर अभिक्रिया \[\ce{2 HI_{(g)} -> H2_{(g)} + I2_{(g)}}\] के लिए सक्रियण ऊर्जा का मान 209.5 kJ mol−1 है। अणुओं के उस अंश की गणना कीजिए जिसकी ऊर्जा सक्रियण ऊर्जा के बराबर अथवा इससे अधिक है।
वेग स्थिरांक पर ताप का क्या प्रभाव पड़ता है? ताप के इस प्रभाव को मात्रात्मक रूप में कैसे प्रदर्शित कर सकते हैं?
विभिन्न तापों पर N2O5 के अपघटन के लिए वेग स्थिरांक नीचे दिए गए हैं –
| T/°C | 0 | 20 | 40 | 60 | 80 |
| 105 × k/s–1 | 0.0787 | 1.70 | 25.7 | 178 | 2140 |
In k एवं 1/T के मध्य ग्राफ खींचिए तथा A एवं Ea की गणना कीजिए। 30°C तथा 50°C पर वेग स्थिरांक को प्रागुक्त कीजिए।
उत्प्रेरक परिवर्तित करते हैं-
उत्प्रेरक की उपस्थिति में, अभिक्रिया के दौरान ऊष्मा का अवशोषण अथवा उत्सर्जन ______।
ऊजा के वितरण को दशाने वाले मैक्सवेल बोल्ट्जमान द्वारा दिए ग्राफ में ______।
- ताप में वृद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल स्थिर रहना चाहिए।
- ताप में वृद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल बढ़ता है।
- ताप में वुद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल घटता है।
- ताप में वृद्ध के साथ वक्र चौड़ा हो जाता है तथा दाहिनी ओर विस्थापित हो जाता है।
किसी अभिक्रिया के लिए केवल ऊष्मागतिक संभाव्यता अभिक्रिया के वेग को निर्धारित नहीं कर सकती। इसे एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।
अभिकथन - उत्प्रेरक की उपस्थिति में अभिक्रिया की एन्थैल्पी स्थिर रहती है।
तर्क - अभिक्रिया में भाग लेने वाला उत्प्रेरक भिन्न सक्रियण संकुल बनाता है तथा सक्रियण ऊर्जा को कम करता है परन्तु अभिक्रियकों एवं उत्पादों की ऊर्जा समान रहती है।
