Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित अरेनियस समीकरण पर विचार कीजिए और सही विकल्प पर निशान लगाइए।
κ = `"Ae"^(-"E"_"a"//"RT")`
विकल्प
अभिक्रिया स्थिरांक बढุती सक्रियण ऊर्जा और घटते ताप के साथ चरघातांक से बढ़ता है।
अभिक्रिया स्थिरांक बढุती सक्रियण ऊर्जा और घटते ताप के साथ चरघातांक से कम होता है।
अभिक्रिया दर स्थिरांक घटती सक्रियण ऊर्जा और घटते ताप के साथ चरघातांक से बढ़ता है।
अभिक्रिया दर स्थिरांक घटती सक्रियण ऊर्जा और बढ़ते ताप के साथ चरघातांक से बढ़ता है।
Advertisements
उत्तर
अभिक्रिया दर स्थिरांक घटती सक्रियण ऊर्जा और बढ़ते ताप के साथ चरघातांक से बढ़ता है।
स्पष्टीकरण -
κ = `"Ae"^(-"E"_"a"//"RT")`
समीकरण से यह स्पष्ट है कि दर स्थिरांक k का मान सक्रियण ऊर्जा Ea में कमी और तापमान में वृद्धि के साथ तेजी से बढ़ता है।
जैसे-जैसे Ea घटता है, `(-"E"_"a"//"RT")` बढ़ता है और k बढ़ता है
जैसे-जैसे T बढ़ता है, `(-"E"_"a"//"RT")` घटता है और `(-"E"_"a"//"RT")` बढ़ता है और k बढ़ता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
546 K ताप पर एक हाइड्रोकार्बन के अपघटन में वेग स्थिरांक 2.418 × 10−5 s−1 है। यदि सक्रियण ऊर्जा 179.9 kJ mol−1 हो तो पूर्व-घातांकी गुणन का मान क्या होगा?
निम्नलिखित में से कौन-सा ग्राफ ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया को प्रदर्शित करता है-
(क)

(ख)

(ग)

यौगिक 'A' और 'B' निम्नलिखित रासायनिक समीकरण के अनुसार अभिक्रिया करते हैं।
\[\ce{A(g) + 2B(g) -> 2C(g)}\]
किसी एक अभिक्रियक की सांद्रता स्थिर रखते हुए 'A' अथवा 'B' की सांद्रता में परिवर्तन किया गया और वेग को प्रारंभिक संद्रता के कारक के रूप में मापा गया। निम्नलिखित परिणाम प्राप्त हुए। इस अभिक्रिया के वेग समीकरण के लिए सही विकल्प चुनिए।
| प्रयोग | [A] की प्रारंभिक सांद्रता/mol L-1 |
[B] की प्रारंभिक सांद्रता/mol L-1 |
[C] के बनने की प्रारंभिक दर/mol L-1 s-1 |
| 1. | 0.30 | 0.30 | 0.10 |
| 2. | 0.30 | 0.60 | 0.40 |
| 3. | 0.60 | 0.30 | 0.20 |
अभिक्रिया A ⇌ B पर विचार कीजिए। अभिक्रियकों तथा उत्पादों दोनों ही की सांद्रता 'समय' के साथ चरघातांक से बढती है। निम्नलिखित में से कौन-सा चित्र अभिक्रियकों और उत्पादों की सांद्रता में समय के साथ परिवर्तन की सही व्याख्या करता है?
ऊजा के वितरण को दशाने वाले मैक्सवेल बोल्ट्जमान द्वारा दिए ग्राफ में ______।
- ताप में वृद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल स्थिर रहना चाहिए।
- ताप में वृद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल बढ़ता है।
- ताप में वुद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल घटता है।
- ताप में वृद्ध के साथ वक्र चौड़ा हो जाता है तथा दाहिनी ओर विस्थापित हो जाता है।
स्पष्ट कीजिए कि H2(g) तथा O2(g) के मध्य अभिक्रिया अति संभाव्य है परन्तु गैसों को एक ही पात्र में कमरे के ताप पर रखने से जल क्यों नहीं बनता।
ताप में वृद्ध से अभिक्रिया वेग क्यों बढ़ता है?
कक्ष ताप पर वायु में ऑक्सीजन प्रचुरता से उपलब्ध होने पर भी ईंधन स्वयं क्यों नहीं जलते?
किसी अभिक्रिया की आणविकता शून्य क्यों नहीं हो सकती?
ताप बढाने से सक्रियण ऊर्जा तथा सर्वाधिक सम्भाव्य गतिज ऊर्जा पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
