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परमताप, 298 K में 10 K की वृद्धि होने पर रासायनिक अभिक्रिया का वेग दुगुना हो जाता है। इस अभिक्रिया के लिए Ea की गणना कीजिए।

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प्रश्न

परमताप, 298 K में 10 K की वृद्धि होने पर रासायनिक अभिक्रिया का वेग दुगुना हो जाता है। इस अभिक्रिया के लिए Ea की गणना कीजिए।

संख्यात्मक
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उत्तर

आर्रेनिअस समीकरण के अनुसार,

`log  "k"_2/"k"_1 = ("E"_"a")/(2.303  "R") [1/"T"_1 - 1/"T"_2]`

`"K"_2/"k"_1` = 2,

T1 = 298 K,

T2 = 308 K,

R = 8.314 JK−1 mol−1

∴ `log 2 = "E"_"a"/(2.303 xx 8.314  "JK"^-1  "mol"^-1) [1/(298  "K") - 1/(308  "K")]`

`0.3010 = "E"_"a"/(2.303 xx 8.314  "JK"^-1  "mol")^-1 xx 10/(298 xx 308)`

∴ `"E"_"a" = (0.3010 xx 2.303 xx 8.314 xx 298 xx 308)/10 "J mol"^-1`

= 52897.7 J mol−1

= 52.897 kJ mol−1

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अभिक्रिया वेग की ताप पर निर्भरता
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 3: रासायनिक बलगतिकी - पाठ्यनिहित प्रश्न [पृष्ठ ८६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rasayan Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
अध्याय 3 रासायनिक बलगतिकी
पाठ्यनिहित प्रश्न | Q 3.8 | पृष्ठ ८६

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निम्नलिखित में से कौन-सा ग्राफ ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया को प्रदर्शित करता है-

(क)

(ख) 

(ग) 


यौगिक 'A' और 'B' निम्नलिखित रासायनिक समीकरण के अनुसार अभिक्रिया करते हैं।

\[\ce{A(g) + 2B(g) -> 2C(g)}\]

किसी एक अभिक्रियक की सांद्रता स्थिर रखते हुए 'A' अथवा 'B' की सांद्रता में परिवर्तन किया गया और वेग को प्रारंभिक संद्रता के कारक के रूप में मापा गया। निम्नलिखित परिणाम प्राप्त हुए। इस अभिक्रिया के वेग समीकरण के लिए सही विकल्प चुनिए।

प्रयोग [A] की प्रारंभिक
सांद्रता/mol L-1
[B] की प्रारंभिक
सांद्रता/mol L-1
[C] के बनने की
प्रारंभिक दर/mol L-1 s-1
1. 0.30 0.30 0.10
2. 0.30 0.60 0.40
3. 0.60 0.30 0.20

अभिक्रिया A ⇌ B पर विचार कीजिए। अभिक्रियकों तथा उत्पादों दोनों ही की सांद्रता 'समय' के साथ चरघातांक से बढती है। निम्नलिखित में से कौन-सा चित्र अभिक्रियकों और उत्पादों की सांद्रता में समय के साथ परिवर्तन की सही व्याख्या करता है?


ऊर्जा के मैक्सवेल बोल्ट्जमान वितरण के अनुसार ______।

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  2. उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गातिज ऊर्जा प्राप्त अणुओं का अंश बढ़ता है।
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  4. उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गतिज ऊर्जा घटती है।

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