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प्रश्न
किसी अभिक्रिया की आणविकता शून्य क्यों नहीं हो सकती?
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उत्तर
किसी प्रारंभिक पद में भाग लेने वाले अणुओं की संख्या आण्विकता होती है। इसके लिए कम से कम एक अणु की आवश्यकता होती है। परिणामस्वरुप आण्विकता का न्यूनतम मान एक होता है।
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विभिन्न तापों पर N2O5 के अपघटन के लिए वेग स्थिरांक नीचे दिए गए हैं –
| T/°C | 0 | 20 | 40 | 60 | 80 |
| 105 × k/s–1 | 0.0787 | 1.70 | 25.7 | 178 | 2140 |
In k एवं 1/T के मध्य ग्राफ खींचिए तथा A एवं Ea की गणना कीजिए। 30°C तथा 50°C पर वेग स्थिरांक को प्रागुक्त कीजिए।
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ताप में 293 K से 313 K तक वृद्धि करने पर किसी अभिक्रिया का वेग चार गुना हो जाता है। इस अभिक्रिया के लिए सक्रियण ऊर्जा की गणना यह मानते हुए कीजिए कि इसका मान ताप के साथ परिवर्तित नहीं होता।
उत्प्रेरक के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही कथन नहीं है?
गलत कथनों को चिह्नित कीजिए।
- उत्प्रेरक अभिक्रिया को वैकल्पिक पथ उपलब्ध कराता है।
- उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को बढाता है।
- उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को कम करता है।
- उत्प्रेरक अभिक्रिया के एन्थैल्पी परिवर्तन को बदल देता है।
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किसी अभिक्रिया के वेग नियम को हम संतुलित रासायनिक अभिक्रिया की सहायता से निर्धारित क्यों नहीं कर सकते?
