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प्रश्न
आण्विकता केवल प्राथमिक अभिक्रिया के लिए अनुप्रयोज्य क्यों है, जबकि अभिक्रिया की कोटि प्राथमिक तथा जटिल दोनों के लिए अनुप्रयोज्य है?
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उत्तर
जटिल अभिक्रिया, प्राथमिक अभिक्रियाओं द्वारा कई चरणों में अग्रसारित होती है। प्रत्येक प्राथमिक अभिक्रिया में भाग लेने वाले अणुओं की संख्या अलग हो सकती है, यानी प्रत्येक पद की आण्विकता अलग होगी अत: समग्र अभिक्रिया की आण्विकता पर विचार करना निरर्थक होता है। दूसरी ओर जटिल अभिक्रिया की कोटि क्रियाविधि के सबसे धीमे पद द्वारा निर्धारित होती है और यह जटिल अभिक्रियाओं के संबंध में भी निरर्थक नहीं होती।
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- अभिक्रिया की आण्विकता कभी शून्य नहीं हो सकती।
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(i)

(ii)

(iii)

(iv)

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| कॉलम I | कॉलम II |
|
(i)
|
|
|
(ii)
|
(a) प्रथम कोटि |
|
(iii)
|
(b) शून्य कोटि |
|
(iv)
|
अभिकथन - अभिक्रिया की कोटि शून्य अथवा भिन्नात्मक हो सकती है।
तर्क - संतुलित रासायनिक समीकरण से हम कोटि का निर्धारण नहीं कर सकते।




