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यदि अभिक्रिया, 2A + B → C शून्य कोटि की हो तो इसके लिए अभिक्रिया वेग लिखिए।

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प्रश्न

यदि अभिक्रिया, 2A + B → C शून्य कोटि की हो तो इसके लिए अभिक्रिया वेग लिखिए।

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

दिया गया है: प्रतिक्रिया का क्रम = 0

हम जानते हैं कि शून्य-क्रम की प्रतिक्रिया एक रासायनिक प्रतिक्रिया है जो अभिकारक की सांद्रता की परवाह किए बिना होती है।

अभिक्रिया के लिए दर समीकरण 2A + B → C

r = k[A]0[B]0 

शून्य कोटि की अभिक्रिया के लिए

r = k

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समाकलित वेग समीकरण
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 4: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [पृष्ठ ५७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
अध्याय 4 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q III. 34. | पृष्ठ ५७

संबंधित प्रश्न

अभिक्रिया की कोटि के बारे में कौन-सा कथन सही नहीं है?


एक छद्म प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक का मान ______।


उच्च दाब पर निम्नलिखित अभिक्रिया शून्यकोटि की है।

\[\ce{2NH3 (g) ->[1130 K][\text{प्लैटिनम उत्प्रेरक}] N2(g) + 3H2 (g)}\]

इस अभिक्रिया के लिए कौन-से विकल्प सही है?

  1. अभिक्रिया का वेग = वेग स्थिरांक
  2. अभिक्रिया की दर अमोनिया की सांद्रता पर निर्भर करती है।
  3. अमोनियम के विघटन की दर संपूर्ण अमोनिया विघटित होने तक स्थिर रहेगी।
  4. दाब में और अधिक वृद्धि अभिक्रिया की दर परिवर्तित कर देगी।

प्रथम कोटी की अभिक्रिया के लिए निम्नलिखित में से कौन-से ग्राफ सही हैं?

(i)

(ii)

(iii)

(iv)


किस प्रकार की अभिक्रियाओं के लिए आणिवकता तथा कोटि के मान समान होते हैं?


शून्य कोटि अभिक्रिया के पूर्ण होने में लगने वाले समय के परिकलन के लिए व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए।


आण्विकता केवल प्राथमिक अभिक्रिया के लिए अनुप्रयोज्य क्यों है, जबकि अभिक्रिया की कोटि प्राथमिक तथा जटिल दोनों के लिए अनुप्रयोज्य है?


कॉलम I और कॉलम II में दिए गए कथनों को सुमेलित कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) अभिक्रिया वेग का गणितीय व्यंजक (a) वेग स्सिरांक के
 

(ii) शून्य कोटि की अभिक्रिया के लिए अभिक्रिया
वेग बराबर होता है।

(b) वेग नियम अभिक्रिया वेग बराबर होता है।
 

(iii) शून्य कोटि के लिए वेग स्थिरांक की इकाई
सामान होती है।

(c) सबसे धीमे चरण की कोटि
(iv) एक जटिल अभिक्रिया की कोटि निर्थारित होती है। (d) अभिक्रिया की दर होती है।

अभिकथन - कोटि एवं आणिवकता एकसमान होती हैं।

तर्क - कोटि का निर्धारण प्रयोग द्वारा होता है तथा आणिवकता वेग निर्धारक प्राथमिक चरण में स्टॉइकियोमितीय गुणांक का योग होती है।


एक उदाहरण की सहायता से समझाइए कि छद्म प्रथम कोटि अभिक्रिया से क्या अभिप्राय है?


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