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Question
यदि अभिक्रिया, 2A + B → C शून्य कोटि की हो तो इसके लिए अभिक्रिया वेग लिखिए।
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Solution
दिया गया है: प्रतिक्रिया का क्रम = 0
हम जानते हैं कि शून्य-क्रम की प्रतिक्रिया एक रासायनिक प्रतिक्रिया है जो अभिकारक की सांद्रता की परवाह किए बिना होती है।
अभिक्रिया के लिए दर समीकरण 2A + B → C
r = k[A]0[B]0
शून्य कोटि की अभिक्रिया के लिए
r = k
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अभिक्रिया की कोटि के बारे में कौन-सा कथन सही नहीं है?
एक प्रथम कोटि की अभिक्रिया 1.26 × 1014s में 50% पूर्ण होती है। 100% पूर्ण होने में इसे कितना समय लगेगा?
एक छद्म प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक का मान ______।
उच्च दाब पर निम्नलिखित अभिक्रिया शून्यकोटि की है।
\[\ce{2NH3 (g) ->[1130 K][\text{प्लैटिनम उत्प्रेरक}] N2(g) + 3H2 (g)}\]
इस अभिक्रिया के लिए कौन-से विकल्प सही है?
- अभिक्रिया का वेग = वेग स्थिरांक
- अभिक्रिया की दर अमोनिया की सांद्रता पर निर्भर करती है।
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- दाब में और अधिक वृद्धि अभिक्रिया की दर परिवर्तित कर देगी।
शून्य कोटि अभिक्रिया के पूर्ण होने में लगने वाले समय के परिकलन के लिए व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए।
स्पष्ट कीजिए कि क्या शून्य कोटि अभिक्रिया के लिए अणुसंख्यकता शून्य होगी।
कॉलम I में दिए गए ग्राफ और कॉलम II में दी गई अभिक्रिया की कोटि को सुमेलित कीजिए। कॉलम I के एक से अधिक पद्, कॉलम II के समान पद से संबंधित हो सकते हैं।
| कॉलम I | कॉलम II |
|
(i)
|
|
|
(ii)
|
(a) प्रथम कोटि |
|
(iii)
|
(b) शून्य कोटि |
|
(iv)
|
अभिकथन - अभिक्रिया की कोटि शून्य अथवा भिन्नात्मक हो सकती है।
तर्क - संतुलित रासायनिक समीकरण से हम कोटि का निर्धारण नहीं कर सकते।
अभिकथन - कोटि एवं आणिवकता एकसमान होती हैं।
तर्क - कोटि का निर्धारण प्रयोग द्वारा होता है तथा आणिवकता वेग निर्धारक प्राथमिक चरण में स्टॉइकियोमितीय गुणांक का योग होती है।
एक उदाहरण की सहायता से समझाइए कि छद्म प्रथम कोटि अभिक्रिया से क्या अभिप्राय है?




