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Question
एक प्रथम कोटि की अभिक्रिया 1.26 × 1014s में 50% पूर्ण होती है। 100% पूर्ण होने में इसे कितना समय लगेगा?
Options
1.26 × 1015s
2.52 × 1014s
2.52 × 1028s
अनन्त
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Solution
अनन्त
स्पष्टीकरण -
आधी अभिक्रिया के पूरा होने में लगने वाला समय वह समय होता है जिसमें अभिक्रिया करने वाले की सांद्रता को उसके मूल मूल्य के आधे हिस्से तक कम कर दिया जाता है जिसे अभिक्रिया का आधा आयु भी कहा जाता है लेकिन अभिक्रिया का 100% प्रदर्शन करना असंभव है। संपूर्ण पदार्थ कभी भी अभिक्रिया नहीं करता है क्योंकि बहुत आधे आयु में, पदार्थ का 50% अभिक्रिया करता है। अत: एक अभिक्रिया के 100% पूरा होने में लगने वाला समय अनंत है।
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एक प्राथमिक अभिक्रिया की संतुलित रासायनिक समीकरण के लिए कौन-से कथन लागू होते है ?
- कोटि, आण्विकता के समान होती है।
- कोटि, आण्विकता से कम होती है।
- कोटि, आण्विकता से अधिक होती है।
- अभिक्रिया की आण्विकता कभी शून्य नहीं हो सकती।
उच्च दाब पर निम्नलिखित अभिक्रिया शून्यकोटि की है।
\[\ce{2NH3 (g) ->[1130 K][\text{प्लैटिनम उत्प्रेरक}] N2(g) + 3H2 (g)}\]
इस अभिक्रिया के लिए कौन-से विकल्प सही है?
- अभिक्रिया का वेग = वेग स्थिरांक
- अभिक्रिया की दर अमोनिया की सांद्रता पर निर्भर करती है।
- अमोनियम के विघटन की दर संपूर्ण अमोनिया विघटित होने तक स्थिर रहेगी।
- दाब में और अधिक वृद्धि अभिक्रिया की दर परिवर्तित कर देगी।
प्रथम कोटी की अभिक्रिया के लिए निम्नलिखित में से कौन-से ग्राफ सही हैं?
(i)

(ii)

(iii)

(iv)

किसी शून्य कोटि की अभिक्रिया के लिए निम्नलिखित में से कौन-से ग्राफ सही हैं?
(i)

(ii)

(iii)

(iv)

यदि अभिक्रिया, 2A + B → C शून्य कोटि की हो तो इसके लिए अभिक्रिया वेग लिखिए।
किस प्रकार की अभिक्रियाओं के लिए आणिवकता तथा कोटि के मान समान होते हैं?
शून्य कोटि अभिक्रिया के पूर्ण होने में लगने वाले समय के परिकलन के लिए व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए।
कॉलम I और कॉलम II में दिए गए कथनों को सुमेलित कीजिए-
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) अभिक्रिया वेग का गणितीय व्यंजक | (a) वेग स्सिरांक के |
|
(ii) शून्य कोटि की अभिक्रिया के लिए अभिक्रिया |
(b) वेग नियम अभिक्रिया वेग बराबर होता है। |
|
(iii) शून्य कोटि के लिए वेग स्थिरांक की इकाई |
(c) सबसे धीमे चरण की कोटि |
| (iv) एक जटिल अभिक्रिया की कोटि निर्थारित होती है। | (d) अभिक्रिया की दर होती है। |
अभिकथन - कोटि एवं आणिवकता एकसमान होती हैं।
तर्क - कोटि का निर्धारण प्रयोग द्वारा होता है तथा आणिवकता वेग निर्धारक प्राथमिक चरण में स्टॉइकियोमितीय गुणांक का योग होती है।
एक उदाहरण की सहायता से समझाइए कि छद्म प्रथम कोटि अभिक्रिया से क्या अभिप्राय है?
