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उच्च दाब पर निम्नलिखित अभिक्रिया शून्यकोटि की है। प्लैटिनम उत्प्रेरक2NHA3(g)→प्लैटिनम उत्प्रेरक1130KNA2(g)+3HA2(g) इस अभिक्रिया के लिए कौन-से विकल्प सही है?

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Question

उच्च दाब पर निम्नलिखित अभिक्रिया शून्यकोटि की है।

\[\ce{2NH3 (g) ->[1130 K][\text{प्लैटिनम उत्प्रेरक}] N2(g) + 3H2 (g)}\]

इस अभिक्रिया के लिए कौन-से विकल्प सही है?

  1. अभिक्रिया का वेग = वेग स्थिरांक
  2. अभिक्रिया की दर अमोनिया की सांद्रता पर निर्भर करती है।
  3. अमोनियम के विघटन की दर संपूर्ण अमोनिया विघटित होने तक स्थिर रहेगी।
  4. दाब में और अधिक वृद्धि अभिक्रिया की दर परिवर्तित कर देगी।
Answer in Brief
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Solution

(i) अभिक्रिया का वेग = वेग स्थिरांक

(iii) अमोनियम के विघटन की दर संपूर्ण अमोनिया विघटित होने तक स्थिर रहेगी।

(iv) दाब में और अधिक वृद्धि अभिक्रिया की दर परिवर्तित कर देगी।

स्पष्टीकरण -

इस प्रतिक्रिया में दबाव बहुत अधिक होता है और यह अमोनिया की सांद्रता से स्वतंत्र हो जाता है। प्रतिक्रिया की दर = दर स्थिर होने पर धातु की सतह गैस के अणुओं से संतृप्त हो जाती है। शून्य कोटि की अभिक्रिया की दर अभिक्रिया में अभिकारकों की सांद्रता से स्वतंत्र होती है।

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समाकलित वेग समीकरण
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Chapter 4: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [Page 55]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
Chapter 4 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q II. 25. | Page 55

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एक प्रथम कोटि की अभिक्रिया 1.26 × 1014s में 50% पूर्ण होती है। 100% पूर्ण होने में इसे कितना समय लगेगा?


एक छद्म प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक का मान ______।


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(i)

(ii)

(iii)

(iv)


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(i)

(ii)

(iii)

(iv)


स्पष्ट कीजिए कि क्या शून्य कोटि अभिक्रिया के लिए अणुसंख्यकता शून्य होगी।


एक सामान्य अभिक्रिया A →B के लिए A की सांद्रता तथा समय के मध्य ग्राफ चित्र में दिया गया है।

  1. अभिक्रिया की कोटि क्या है?
  2. वक्र का ढाल क्या है?
  3. वेग स्थिरांक की इकाई क्या है?


कॉलम I में दिए गए ग्राफ और कॉलम II में दी गई अभिक्रिया की कोटि को सुमेलित कीजिए। कॉलम I के एक से अधिक पद्, कॉलम II के समान पद से संबंधित हो सकते हैं।

कॉलम I कॉलम II

(i)

 

(ii)

(a) प्रथम कोटि

(iii) 

(b) शून्य कोटि

(iv)

 

कॉलम I और कॉलम II में दिए गए कथनों को सुमेलित कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) अभिक्रिया वेग का गणितीय व्यंजक (a) वेग स्सिरांक के
 

(ii) शून्य कोटि की अभिक्रिया के लिए अभिक्रिया
वेग बराबर होता है।

(b) वेग नियम अभिक्रिया वेग बराबर होता है।
 

(iii) शून्य कोटि के लिए वेग स्थिरांक की इकाई
सामान होती है।

(c) सबसे धीमे चरण की कोटि
(iv) एक जटिल अभिक्रिया की कोटि निर्थारित होती है। (d) अभिक्रिया की दर होती है।

अभिकथन - अभिक्रिया की कोटि शून्य अथवा भिन्नात्मक हो सकती है।

तर्क - संतुलित रासायनिक समीकरण से हम कोटि का निर्धारण नहीं कर सकते।


अभिकथन - कोटि एवं आणिवकता एकसमान होती हैं।

तर्क - कोटि का निर्धारण प्रयोग द्वारा होता है तथा आणिवकता वेग निर्धारक प्राथमिक चरण में स्टॉइकियोमितीय गुणांक का योग होती है।


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