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प्रथम कोटी की अभिक्रिया के लिए निम्नलिखित में से कौन-से ग्राफ सही हैं? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Question

प्रथम कोटी की अभिक्रिया के लिए निम्नलिखित में से कौन-से ग्राफ सही हैं?

(i)

(ii)

(iii)

(iv)

Answer in Brief
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Solution

(i)

(iv)

स्पष्टीकरण -

किसी अभिक्रिया की वह गति जो अभिक्रिया करने वाले पदार्थ की सांद्रता के समानुपाती होती है, प्रथम कोटि की अभिक्रिया कहलाती है।

पहले क्रम की प्रतिक्रिया का गतिज समीकरण

k = `2.303/"t" log  (["R"]_0)/(["R"])`

Y अक्ष सांद्रता का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि X अक्ष समय का प्रतिनिधित्व करता है।

log = `(["R"]_0)/(["R"]) = "kt"/2.303`

`[log = (["R"]_0)/(["R"])] = ["kt"/2.303]`(t)

y = mn

k = `2.303/"t" log  "a"/("a - x")`

t = `2.303/"k" log  "a"/("a - x")`

x = `"a" - "a"/2`

x = `"a"/2`

`"t"_(1/2) = 2.303/"k" log  "a"/("a" - "a"/2)`

`2.303/"k"` log 2

`"t"_(1/2) = 0.693/"k"`

shaalaa.com
समाकलित वेग समीकरण
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Chapter 4: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [Page 57]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Chemistry [Hindi] Class 12
Chapter 4 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q II. 32. | Page 57

RELATED QUESTIONS

एक प्रथम कोटि की अभिक्रिया 1.26 × 1014s में 50% पूर्ण होती है। 100% पूर्ण होने में इसे कितना समय लगेगा?


एक छद्म प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक का मान ______।


एक प्राथमिक अभिक्रिया की संतुलित रासायनिक समीकरण के लिए कौन-से कथन लागू होते है ?

  1. कोटि, आण्विकता के समान होती है।
  2. कोटि, आण्विकता से कम होती है।
  3. कोटि, आण्विकता से अधिक होती है।
  4.  अभिक्रिया की आण्विकता कभी शून्य नहीं हो सकती।

यदि अभिक्रिया, 2A + B → C शून्य कोटि की हो तो इसके लिए अभिक्रिया वेग लिखिए।


स्पष्ट कीजिए कि क्या शून्य कोटि अभिक्रिया के लिए अणुसंख्यकता शून्य होगी।


एक सामान्य अभिक्रिया A →B के लिए A की सांद्रता तथा समय के मध्य ग्राफ चित्र में दिया गया है।

  1. अभिक्रिया की कोटि क्या है?
  2. वक्र का ढाल क्या है?
  3. वेग स्थिरांक की इकाई क्या है?


कॉलम I और कॉलम II में दिए गए कथनों को सुमेलित कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) अभिक्रिया वेग का गणितीय व्यंजक (a) वेग स्सिरांक के
 

(ii) शून्य कोटि की अभिक्रिया के लिए अभिक्रिया
वेग बराबर होता है।

(b) वेग नियम अभिक्रिया वेग बराबर होता है।
 

(iii) शून्य कोटि के लिए वेग स्थिरांक की इकाई
सामान होती है।

(c) सबसे धीमे चरण की कोटि
(iv) एक जटिल अभिक्रिया की कोटि निर्थारित होती है। (d) अभिक्रिया की दर होती है।

अभिकथन - अभिक्रिया की कोटि शून्य अथवा भिन्नात्मक हो सकती है।

तर्क - संतुलित रासायनिक समीकरण से हम कोटि का निर्धारण नहीं कर सकते।


अभिकथन - कोटि एवं आणिवकता एकसमान होती हैं।

तर्क - कोटि का निर्धारण प्रयोग द्वारा होता है तथा आणिवकता वेग निर्धारक प्राथमिक चरण में स्टॉइकियोमितीय गुणांक का योग होती है।


एक उदाहरण की सहायता से समझाइए कि छद्म प्रथम कोटि अभिक्रिया से क्या अभिप्राय है?


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