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प्रश्न
उच्च दाब पर निम्नलिखित अभिक्रिया शून्यकोटि की है।
\[\ce{2NH3 (g) ->[1130 K][\text{प्लैटिनम उत्प्रेरक}] N2(g) + 3H2 (g)}\]
इस अभिक्रिया के लिए कौन-से विकल्प सही है?
- अभिक्रिया का वेग = वेग स्थिरांक
- अभिक्रिया की दर अमोनिया की सांद्रता पर निर्भर करती है।
- अमोनियम के विघटन की दर संपूर्ण अमोनिया विघटित होने तक स्थिर रहेगी।
- दाब में और अधिक वृद्धि अभिक्रिया की दर परिवर्तित कर देगी।
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उत्तर
(i) अभिक्रिया का वेग = वेग स्थिरांक
(iii) अमोनियम के विघटन की दर संपूर्ण अमोनिया विघटित होने तक स्थिर रहेगी।
(iv) दाब में और अधिक वृद्धि अभिक्रिया की दर परिवर्तित कर देगी।
स्पष्टीकरण -
इस प्रतिक्रिया में दबाव बहुत अधिक होता है और यह अमोनिया की सांद्रता से स्वतंत्र हो जाता है। प्रतिक्रिया की दर = दर स्थिर होने पर धातु की सतह गैस के अणुओं से संतृप्त हो जाती है। शून्य कोटि की अभिक्रिया की दर अभिक्रिया में अभिकारकों की सांद्रता से स्वतंत्र होती है।
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एक छद्म प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक का मान ______।
एक प्राथमिक अभिक्रिया की संतुलित रासायनिक समीकरण के लिए कौन-से कथन लागू होते है ?
- कोटि, आण्विकता के समान होती है।
- कोटि, आण्विकता से कम होती है।
- कोटि, आण्विकता से अधिक होती है।
- अभिक्रिया की आण्विकता कभी शून्य नहीं हो सकती।
प्रथम कोटी की अभिक्रिया के लिए निम्नलिखित में से कौन-से ग्राफ सही हैं?
(i)

(ii)

(iii)

(iv)

यदि अभिक्रिया, 2A + B → C शून्य कोटि की हो तो इसके लिए अभिक्रिया वेग लिखिए।
किस प्रकार की अभिक्रियाओं के लिए आणिवकता तथा कोटि के मान समान होते हैं?
कॉलम I में दिए गए ग्राफ और कॉलम II में दी गई अभिक्रिया की कोटि को सुमेलित कीजिए। कॉलम I के एक से अधिक पद्, कॉलम II के समान पद से संबंधित हो सकते हैं।
| कॉलम I | कॉलम II |
|
(i)
|
|
|
(ii)
|
(a) प्रथम कोटि |
|
(iii)
|
(b) शून्य कोटि |
|
(iv)
|
कॉलम I और कॉलम II में दिए गए कथनों को सुमेलित कीजिए-
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) अभिक्रिया वेग का गणितीय व्यंजक | (a) वेग स्सिरांक के |
|
(ii) शून्य कोटि की अभिक्रिया के लिए अभिक्रिया |
(b) वेग नियम अभिक्रिया वेग बराबर होता है। |
|
(iii) शून्य कोटि के लिए वेग स्थिरांक की इकाई |
(c) सबसे धीमे चरण की कोटि |
| (iv) एक जटिल अभिक्रिया की कोटि निर्थारित होती है। | (d) अभिक्रिया की दर होती है। |
अभिकथन - अभिक्रिया की कोटि शून्य अथवा भिन्नात्मक हो सकती है।
तर्क - संतुलित रासायनिक समीकरण से हम कोटि का निर्धारण नहीं कर सकते।
अभिकथन - कोटि एवं आणिवकता एकसमान होती हैं।
तर्क - कोटि का निर्धारण प्रयोग द्वारा होता है तथा आणिवकता वेग निर्धारक प्राथमिक चरण में स्टॉइकियोमितीय गुणांक का योग होती है।
एक उदाहरण की सहायता से समझाइए कि छद्म प्रथम कोटि अभिक्रिया से क्या अभिप्राय है?




