हिंदी

एक सक्रियत संकुल के विघटन के दौरान ______। (i) ऊर्जा हमेशा निष्काषित होती है। (ii) ऊर्जा हमेशा अवशोषित होती है। (iii) ऊर्जा परिवर्तित नहीं होती। (iv) अभिक्रियक बन सकते हैं।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

एक सक्रियत संकुल के विघटन के दौरान ______।

  1. ऊर्जा हमेशा निष्काषित होती है।
  2. ऊर्जा हमेशा अवशोषित होती है।
  3. ऊर्जा परिवर्तित नहीं होती।
  4. अभिक्रियक बन सकते हैं।
संक्षेप में उत्तर
रिक्त स्थान भरें
Advertisements

उत्तर

(i) ऊर्जा हमेशा निष्काषित होती है।

(iv) अभिक्रियक बन सकते हैं।

स्पष्टीकरण -

सक्रियण ऊर्जा ऊर्जा की वह मात्रा है जो तब निकलती है जब अभिकारक अणु टकराते हैं और एक सक्रिय परिसर बनाते हैं। जब ऊर्जा निकलती है, तो कॉम्प्लेक्स एक उत्पाद में विघटित हो जाता है।

shaalaa.com
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 4: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [पृष्ठ ५६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
अध्याय 4 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q II. 26. | पृष्ठ ५६

संबंधित प्रश्न

निम्नलिखित अभिक्रिया के वेग व्यंजकों से इनकी अभिक्रिया कोटि तथा वेग स्थिरांकों की इकाइयाँ ज्ञात कीजिए।

\[\ce{3NO_{(g)} -> N2O_{(g)}}\] वेग = k [NO]2


नीचे दी गई गैस प्रावस्था में प्रथम कोटि की विघटन अभिक्रिया पर विचार कीजिए।

\[\ce{A(g) -> B(g) + C{g}}\]

A के विघटन से पूर्व तंत्र का प्रारंभिक दाब pi था। 't' समय के पश्चात तंत्र का दाब x इकाई बढ़ कर pt हो जाता है। अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक k को लिखा जा सकता है-


अरेनिअस समीकरण के अनुसार `"Ae"^(−"E​"_"a"//"RT")` अभिक्रिया दर स्थिरांक k के बराबर है। ln k और `1/"T"` के मध्य ग्राफ को निम्न विकल्पों में से किसके द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है।


वेग नियम संतुलित रासायनिक समीकरण द्वारा निर्धारित नहीं किया जा सकता यदि ______।

  1. व्युत्क्रम अभिक्रिया सम्मिलित होती है।
  2. यह एक प्राथमिक अभिक्रिया हो।
  3. यह प्राथमिक अभिक्रियाओं की एक शृंखला है।
  4. कोई भी अभिक्रियक आधिक्य में हो।

किसी भी एक-अणुक अभिक्रिया के लिए ______।

  1. दर निर्धारण चरण में केवल एक अभिकारी स्पीसीज प्रयुक्त होती है।
  2. सबसे धीमे चरण की कोटि तथा आण्विकता एक के बराबर होती है।
  3. अभिक्रिया की आण्विकता एक होती है और कोटि शून्य होती है।
  4. अभिक्रिया की आण्विकता और कोटि दोनों ही एक होती हैं।

एक जटिल अभिक्रिया के लिए ______।

  1. समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता के समान होती है।
  2. समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता से कम होती है।
  3. समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता से अधिक होती है।
  4. सबसे धीमे पद की आण्विकता कभी भी शून्य अथवा अपूर्णांक नहीं होती।

आप निम्नलिखित अभिक्रिया का वेग नियम कैसे निर्धारित कर सकते हैं?

\[\ce{2NO (g) + O2(g) -> 2NO2 (g)}\]


निम्नलिखित का सुमेलन कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) हीरा (डायमण्ड) (a) समय का लघु अंतराल
(ii) तार्क्षणिक वेग b) सामान्यत: परिवर्तन का
वेग परिलक्षित नहीं होता।
(iii) औसत वेग (c) लंबी समयावधि

किसी अभिक्रियक के लिए एक अभिक्रिया द्वितीय कोटि की है। अभिक्रिया का वेग कैसे प्रभावित होगा, यदि अभिक्रियक की सांद्रता आधी कर दी जाए?


एक अभिक्रिया A के प्रति प्रथम तथा B के प्रति द्वितीय कोटि की है। A तथा B दोनों की सांद्रता दुगुनी करने से वेग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×