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प्रश्न
ताप का वेग स्थिरांक पर क्या प्रभाव होगा?
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उत्तर
सामान्यतः अभिक्रिया का वेग स्थिरांक 10°C ताप बढ़ाने पर लगभग दोगुना हो जाता है। वेग स्थिरांक की ताप पर सटीक निर्भरता आर्रेनिअस समीकरण k = `"Ae"^(-"E"_"a"//"RT")` द्वारा दी जाती है।
जहाँ,
A आवृत्ति गुणक है,
T तापमान है,
R गैस स्थिरांक है,
Ea संक्रियण ऊर्जा है।
संबंधित प्रश्न
581 K ताप पर अभिक्रिया \[\ce{2 HI_{(g)} -> H2_{(g)} + I2_{(g)}}\] के लिए सक्रियण ऊर्जा का मान 209.5 kJ mol−1 है। अणुओं के उस अंश की गणना कीजिए जिसकी ऊर्जा सक्रियण ऊर्जा के बराबर अथवा इससे अधिक है।
वेग स्थिरांक पर ताप का क्या प्रभाव पड़ता है? ताप के इस प्रभाव को मात्रात्मक रूप में कैसे प्रदर्शित कर सकते हैं?
हाइड्रोकार्बन का विघटन निम्न समीकरण के अनुसार होता है। Ea की गणना कीजिए।
k = `(4.5 xx 10^11 "s"^-1) "e"^(-28000 "K"//"T")`
10°C ताप पर A के उत्पाद में विघटन के लिए k का मान 4.5 × 103 s−1 तथा सक्रियण ऊर्जा 60 kJ mol−1 है। किस ताप पर k का मान 1.5 × 104 s−1 होगा?
निम्नलिखित अरेनियस समीकरण पर विचार कीजिए और सही विकल्प पर निशान लगाइए।
κ = `"Ae"^(-"E"_"a"//"RT")`
यौगिक 'A' और 'B' निम्नलिखित रासायनिक समीकरण के अनुसार अभिक्रिया करते हैं।
\[\ce{A(g) + 2B(g) -> 2C(g)}\]
किसी एक अभिक्रियक की सांद्रता स्थिर रखते हुए 'A' अथवा 'B' की सांद्रता में परिवर्तन किया गया और वेग को प्रारंभिक संद्रता के कारक के रूप में मापा गया। निम्नलिखित परिणाम प्राप्त हुए। इस अभिक्रिया के वेग समीकरण के लिए सही विकल्प चुनिए।
| प्रयोग | [A] की प्रारंभिक सांद्रता/mol L-1 |
[B] की प्रारंभिक सांद्रता/mol L-1 |
[C] के बनने की प्रारंभिक दर/mol L-1 s-1 |
| 1. | 0.30 | 0.30 | 0.10 |
| 2. | 0.30 | 0.60 | 0.40 |
| 3. | 0.60 | 0.30 | 0.20 |
ऊजा के वितरण को दशाने वाले मैक्सवेल बोल्ट्जमान द्वारा दिए ग्राफ में ______।
- ताप में वृद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल स्थिर रहना चाहिए।
- ताप में वृद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल बढ़ता है।
- ताप में वुद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल घटता है।
- ताप में वृद्ध के साथ वक्र चौड़ा हो जाता है तथा दाहिनी ओर विस्थापित हो जाता है।
ऊर्जा के मैक्सवेल बोल्ट्जमान वितरण के अनुसार ______।
- उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गातिज ऊर्जा प्राप्त अणुओं का अंश घटता है।
- उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गातिज ऊर्जा प्राप्त अणुओं का अंश बढ़ता है।
- उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गतिज ऊर्जा बढ़ती है।
- उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गतिज ऊर्जा घटती है।
किसी अभिक्रिया की आणविकता शून्य क्यों नहीं हो सकती?
किसी अभिक्रिया के वेग नियम को हम संतुलित रासायनिक अभिक्रिया की सहायता से निर्धारित क्यों नहीं कर सकते?
