हिंदी

हाइड्रोकार्बन का विघटन निम्न समीकरण के अनुसार होता है। Ea की गणना कीजिए।k = seKT(4.5×1011 s-1)e-28000K/T - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

हाइड्रोकार्बन का विघटन निम्न समीकरण के अनुसार होता है। Ea की गणना कीजिए।
k = `(4.5 xx 10^11  "s"^-1) "e"^(-28000 "K"//"T")`

संख्यात्मक
Advertisements

उत्तर

आर्रेनिअस समीकरण के अनुसार, k = `"Ae"^((-"E"_"a")/("RT"))`

∴ `-"E"_"a"/"RT" = -(28000 "K")/"T"` 

E = 28000 K × R

= 28000 K × 8.314 JK−1 mol1

= 232.79 kJ mol1

shaalaa.com
अभिक्रिया वेग की ताप पर निर्भरता
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 3: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [पृष्ठ ८९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
अध्याय 3 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q 3.26 | पृष्ठ ८९

संबंधित प्रश्न

10°C ताप पर A के उत्पाद में विघटन के लिए k का मान 4.5 × 103 s−1 तथा सक्रियण ऊर्जा 60 kJ mol1 है। किस ताप पर k का मान 1.5 × 104 s1 होगा?


उत्प्रेरक की उपस्थिति में, अभिक्रिया के दौरान ऊष्मा का अवशोषण अथवा उत्सर्जन ______।


उत्प्रेरक के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही कथन नहीं है?


अभिक्रिया A ⇌ B पर विचार कीजिए। अभिक्रियकों तथा उत्पादों दोनों ही की सांद्रता 'समय' के साथ चरघातांक से बढती है। निम्नलिखित में से कौन-सा चित्र अभिक्रियकों और उत्पादों की सांद्रता में समय के साथ परिवर्तन की सही व्याख्या करता है?


अभिक्रिया में अणुओं के बहुत बड़े अंश की ऊर्जा देहली ऊर्जा से अधिक है फिर भी अभिक्रिया वेग बहुत कम है, ऐसा क्यों है?


स्पष्ट कीजिए कि H2(g) तथा O2(g) के मध्य अभिक्रिया अति संभाव्य है परन्तु गैसों को एक ही पात्र में कमरे के ताप पर रखने से जल क्यों नहीं बनता।


ताप में वृद्ध से अभिक्रिया वेग क्यों बढ़ता है?


सामान्यत:, अभिक्रिया के दौरान अभिक्रिया वेग घटता क्यों है?


किसी अभिक्रिया के लिए केवल ऊष्मागतिक संभाव्यता अभिक्रिया के वेग को निर्धारित नहीं कर सकती। इसे एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।


अभिकथन - उत्प्रेरक की उपस्थिति में अभिक्रिया की एन्थैल्पी स्थिर रहती है।

तर्क - अभिक्रिया में भाग लेने वाला उत्प्रेरक भिन्न सक्रियण संकुल बनाता है तथा सक्रियण ऊर्जा को कम करता है परन्तु अभिक्रियकों एवं उत्पादों की ऊर्जा समान रहती है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×