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ताप में वृद्ध से अभिक्रिया वेग क्यों बढ़ता है?

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प्रश्न

ताप में वृद्ध से अभिक्रिया वेग क्यों बढ़ता है?

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

उच्च ताप पर संघट्ट करने वाले कण अधिक संख्या में ऊर्जा अवरोध अर्थात सक्रियण ऊर्जा को पार करते हैं जिससे वेग अधिक हो जाता है।

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अभिक्रिया वेग की ताप पर निर्भरता
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अध्याय 4: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [पृष्ठ ५८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Chemistry [Hindi] Class 12
अध्याय 4 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q III. 44. | पृष्ठ ५८

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546 K ताप पर एक हाइड्रोकार्बन के अपघटन में वेग स्थिरांक 2.418 × 10−5 s1 है। यदि सक्रियण ऊर्जा 179.9 kJ mol1 हो तो पूर्व-घातांकी गुणन का मान क्या होगा?


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उत्प्रेरक परिवर्तित करते हैं-


निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?


निम्नलिखित में से कौन-सा ग्राफ ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया को प्रदर्शित करता है-

(क)

(ख) 

(ग) 


गलत कथनों को चिह्नित कीजिए।

  1. उत्प्रेरक अभिक्रिया को वैकल्पिक पथ उपलब्ध कराता है।
  2. उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को बढाता है।
  3. उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को कम करता है।
  4. उत्प्रेरक अभिक्रिया के एन्थैल्पी परिवर्तन को बदल देता है।

ऊजा के वितरण को दशाने वाले मैक्सवेल बोल्ट्जमान द्वारा दिए ग्राफ में ______।

  1. ताप में वृद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल स्थिर रहना चाहिए।
  2. ताप में वृद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल बढ़ता है।
  3. ताप में वुद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल घटता है।
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तीन से अधिक आणिकता वाली अभिक्रियाओं की संभावनाएँ बहुत कम क्यों होती हैं?


किसी अभिक्रिया के लिए केवल ऊष्मागतिक संभाव्यता अभिक्रिया के वेग को निर्धारित नहीं कर सकती। इसे एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।


किसी अभिक्रिया के वेग नियम को हम संतुलित रासायनिक अभिक्रिया की सहायता से निर्धारित क्यों नहीं कर सकते?


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