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प्रश्न
किसी अभिक्रिया के लिए केवल ऊष्मागतिक संभाव्यता अभिक्रिया के वेग को निर्धारित नहीं कर सकती। इसे एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।
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उत्तर
ऊष्मागतिक रूप से हीरे का ग्रैफाइट में परिवर्तन बहुत सम्भाव्य है लेकिन अभिक्रिया बहुत धीमी होती है क्योंकि इसकी सक्रियण ऊर्जा का मान बहुत अधिक होता है।
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