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प्रश्न
किसी अभिक्रिया के लिए केवल ऊष्मागतिक संभाव्यता अभिक्रिया के वेग को निर्धारित नहीं कर सकती। इसे एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।
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उत्तर
ऊष्मागतिक रूप से हीरे का ग्रैफाइट में परिवर्तन बहुत सम्भाव्य है लेकिन अभिक्रिया बहुत धीमी होती है क्योंकि इसकी सक्रियण ऊर्जा का मान बहुत अधिक होता है।
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संबंधित प्रश्न
विभिन्न तापों पर N2O5 के अपघटन के लिए वेग स्थिरांक नीचे दिए गए हैं –
| T/°C | 0 | 20 | 40 | 60 | 80 |
| 105 × k/s–1 | 0.0787 | 1.70 | 25.7 | 178 | 2140 |
In k एवं 1/T के मध्य ग्राफ खींचिए तथा A एवं Ea की गणना कीजिए। 30°C तथा 50°C पर वेग स्थिरांक को प्रागुक्त कीजिए।
ताप में 293 K से 313 K तक वृद्धि करने पर किसी अभिक्रिया का वेग चार गुना हो जाता है। इस अभिक्रिया के लिए सक्रियण ऊर्जा की गणना यह मानते हुए कीजिए कि इसका मान ताप के साथ परिवर्तित नहीं होता।
उत्प्रेरक की उपस्थिति में, अभिक्रिया के दौरान ऊष्मा का अवशोषण अथवा उत्सर्जन ______।
अभिक्रिया A ⇌ B पर विचार कीजिए। अभिक्रियकों तथा उत्पादों दोनों ही की सांद्रता 'समय' के साथ चरघातांक से बढती है। निम्नलिखित में से कौन-सा चित्र अभिक्रियकों और उत्पादों की सांद्रता में समय के साथ परिवर्तन की सही व्याख्या करता है?
स्पष्ट कीजिए कि H2(g) तथा O2(g) के मध्य अभिक्रिया अति संभाव्य है परन्तु गैसों को एक ही पात्र में कमरे के ताप पर रखने से जल क्यों नहीं बनता।
कक्ष ताप पर वायु में ऑक्सीजन प्रचुरता से उपलब्ध होने पर भी ईंधन स्वयं क्यों नहीं जलते?
तीन से अधिक आणिकता वाली अभिक्रियाओं की संभावनाएँ बहुत कम क्यों होती हैं?
सामान्यत:, अभिक्रिया के दौरान अभिक्रिया वेग घटता क्यों है?
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अभिकथन - उत्प्रेरक की उपस्थिति में अभिक्रिया की एन्थैल्पी स्थिर रहती है।
तर्क - अभिक्रिया में भाग लेने वाला उत्प्रेरक भिन्न सक्रियण संकुल बनाता है तथा सक्रियण ऊर्जा को कम करता है परन्तु अभिक्रियकों एवं उत्पादों की ऊर्जा समान रहती है।
