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प्रश्न
ऑक्सैलिक अम्ल तथा KMnO4 के मध्य ऑक्सीकरण-अपचयन अनुमापन में हम अनुमापन प्रारम्भ करने से पूर्व ऑक्सैलिक अम्ल विलयन को गरम क्यों करते हैं?
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उत्तर
KMnO4, तथा ऑक्सैलिक अम्ल के मध्य अभिक्रिया गतिक रूप से बहुत धीमी होती है। ताप को बढ़ाकर हम अभिक्रिया के वेग को बढ़ा देते हैं।
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हाइड्रोकार्बन का विघटन निम्न समीकरण के अनुसार होता है। Ea की गणना कीजिए।
k = `(4.5 xx 10^11 "s"^-1) "e"^(-28000 "K"//"T")`
उत्प्रेरक परिवर्तित करते हैं-
निम्नलिखित अरेनियस समीकरण पर विचार कीजिए और सही विकल्प पर निशान लगाइए।
κ = `"Ae"^(-"E"_"a"//"RT")`
उत्प्रेरक के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही कथन नहीं है?
गलत कथनों को चिह्नित कीजिए।
- उत्प्रेरक अभिक्रिया को वैकल्पिक पथ उपलब्ध कराता है।
- उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को बढाता है।
- उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को कम करता है।
- उत्प्रेरक अभिक्रिया के एन्थैल्पी परिवर्तन को बदल देता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अरेनियस समीकरण के अनुसार है?
- ताप में वृद्धि के साथ अभिक्रिया का वेग बढता है।
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