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581 K ताप पर अभिक्रिया 2HIA(g)⟶HA2A(g)+IA2A(g) के लिए सक्रियण ऊर्जा का मान 209.5 kJ mol−1 है। अणुओं के उस अंश की गणना कीजिए जिसकी ऊर्जा सक्रियण ऊर्जा के बराबर अथवा इससे अधिक है। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Question

581 K ताप पर अभिक्रिया \[\ce{2 HI_{(g)} -> H2_{(g)} + I2_{(g)}}\] के लिए सक्रियण ऊर्जा का मान 209.5 kJ mol−1 है। अणुओं के उस अंश की गणना कीजिए जिसकी ऊर्जा सक्रियण ऊर्जा के बराबर अथवा इससे अधिक है।

Numerical
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Solution

दिए गए प्रश्न के अनुसार:

Ea = 209.5 kJ mol−1 

T = 581 K

R = 8.314 JK−1 mol−1

अणुओं का वह अंश जिसकी ऊर्जा सक्रियण ऊर्जा के बराबर या अधिक है।

x = `"n"/"N"`

x = `e^((-E_a)/"RT")`

∴ ln x = `-"E"_"a"/"RT"`

या log x = `-"E"_"a"/(2.303  "RT")`

या log x = `-(209.5 xx 10^3  "J mol"^-1)/(2.303 xx 8.314  "JK"^-1  "mol"^-1 xx 581  "K")`

= − 18.8323

x = antilog (− 18.8323)

= antilog 19.1677

= 1.471 × 10−19

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अभिक्रिया वेग की ताप पर निर्भरता
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Chapter 3: रासायनिक बलगतिकी - पाठ्यनिहित प्रश्न [Page 86]

APPEARS IN

NCERT Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
Chapter 3 रासायनिक बलगतिकी
पाठ्यनिहित प्रश्न | Q 3.9 | Page 86

RELATED QUESTIONS

हाइड्रोकार्बन का विघटन निम्न समीकरण के अनुसार होता है। Ea की गणना कीजिए।
k = `(4.5 xx 10^11  "s"^-1) "e"^(-28000 "K"//"T")`


10°C ताप पर A के उत्पाद में विघटन के लिए k का मान 4.5 × 103 s−1 तथा सक्रियण ऊर्जा 60 kJ mol1 है। किस ताप पर k का मान 1.5 × 104 s1 होगा?


उत्प्रेरक परिवर्तित करते हैं-


उत्प्रेरक की उपस्थिति में, अभिक्रिया के दौरान ऊष्मा का अवशोषण अथवा उत्सर्जन ______।


उत्प्रेरक के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही कथन नहीं है?


ऊजा के वितरण को दशाने वाले मैक्सवेल बोल्ट्जमान द्वारा दिए ग्राफ में ______।

  1. ताप में वृद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल स्थिर रहना चाहिए।
  2. ताप में वृद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल बढ़ता है।
  3. ताप में वुद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल घटता है।
  4. ताप में वृद्ध के साथ वक्र चौड़ा हो जाता है तथा दाहिनी ओर विस्थापित हो जाता है।

ऊर्जा के मैक्सवेल बोल्ट्जमान वितरण के अनुसार ______।

  1. उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गातिज ऊर्जा प्राप्त अणुओं का अंश घटता है।
  2. उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गातिज ऊर्जा प्राप्त अणुओं का अंश बढ़ता है।
  3. उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गतिज ऊर्जा बढ़ती है।
  4. उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गतिज ऊर्जा घटती है।

सामान्यत:, अभिक्रिया के दौरान अभिक्रिया वेग घटता क्यों है?


किसी अभिक्रिया की आणविकता शून्य क्यों नहीं हो सकती?


किसी अभिक्रिया के वेग नियम को हम संतुलित रासायनिक अभिक्रिया की सहायता से निर्धारित क्यों नहीं कर सकते?


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