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Question
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अरेनियस समीकरण के अनुसार है?
- ताप में वृद्धि के साथ अभिक्रिया का वेग बढता है।
- सक्रियण ऊर्जा में कमी के साथ अभिक्रिया का वेग बढ़ता है।
- ताप में वृद्धि के साथ वेग स्थिरांक में चरघतांकी कमी होती है।
- सक्रियण ऊर्जा में कमी से अभिक्रिया का वेग घटता है।
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Solution
(i) ताप में वृद्धि के साथ अभिक्रिया का वेग बढता है।
(ii) सक्रियण ऊर्जा में कमी के साथ अभिक्रिया का वेग बढ़ता है।
स्पष्टीकरण -
तापमान के साथ प्रतिक्रिया की दर बढ़ जाती है। यह प्रत्येक 10° परिवर्तन के साथ दुगना हो जाता है। यह सक्रियण ऊर्जा में कमी के साथ बढ़ता है।
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विभिन्न तापों पर N2O5 के अपघटन के लिए वेग स्थिरांक नीचे दिए गए हैं –
| T/°C | 0 | 20 | 40 | 60 | 80 |
| 105 × k/s–1 | 0.0787 | 1.70 | 25.7 | 178 | 2140 |
In k एवं 1/T के मध्य ग्राफ खींचिए तथा A एवं Ea की गणना कीजिए। 30°C तथा 50°C पर वेग स्थिरांक को प्रागुक्त कीजिए।
निम्नलिखित में से कौन-सा ग्राफ ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया को प्रदर्शित करता है-
(क)

(ख)

(ग)

ऊजा के वितरण को दशाने वाले मैक्सवेल बोल्ट्जमान द्वारा दिए ग्राफ में ______।
- ताप में वृद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल स्थिर रहना चाहिए।
- ताप में वृद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल बढ़ता है।
- ताप में वुद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल घटता है।
- ताप में वृद्ध के साथ वक्र चौड़ा हो जाता है तथा दाहिनी ओर विस्थापित हो जाता है।
ऊर्जा के मैक्सवेल बोल्ट्जमान वितरण के अनुसार ______।
- उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गातिज ऊर्जा प्राप्त अणुओं का अंश घटता है।
- उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गातिज ऊर्जा प्राप्त अणुओं का अंश बढ़ता है।
- उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गतिज ऊर्जा बढ़ती है।
- उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गतिज ऊर्जा घटती है।
ताप में वृद्ध से अभिक्रिया वेग क्यों बढ़ता है?
सामान्यत:, अभिक्रिया के दौरान अभिक्रिया वेग घटता क्यों है?
ऑक्सैलिक अम्ल तथा KMnO4 के मध्य ऑक्सीकरण-अपचयन अनुमापन में हम अनुमापन प्रारम्भ करने से पूर्व ऑक्सैलिक अम्ल विलयन को गरम क्यों करते हैं?
किसी अभिक्रिया की आणविकता शून्य क्यों नहीं हो सकती?
किसी अभिक्रिया के वेग नियम को हम संतुलित रासायनिक अभिक्रिया की सहायता से निर्धारित क्यों नहीं कर सकते?
ताप बढाने से सक्रियण ऊर्जा तथा सर्वाधिक सम्भाव्य गतिज ऊर्जा पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
