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Question
ऊजा के वितरण को दशाने वाले मैक्सवेल बोल्ट्जमान द्वारा दिए ग्राफ में ______।
- ताप में वृद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल स्थिर रहना चाहिए।
- ताप में वृद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल बढ़ता है।
- ताप में वुद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल घटता है।
- ताप में वृद्ध के साथ वक्र चौड़ा हो जाता है तथा दाहिनी ओर विस्थापित हो जाता है।
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Solution
(i) ताप में वृद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल स्थिर रहना चाहिए।
(iv) ताप में वृद्ध के साथ वक्र चौड़ा हो जाता है तथा दाहिनी ओर विस्थापित हो जाता है।
स्पष्टीकरण -
तापमान में वृद्धि के साथ वक्र के नीचे का क्षेत्र समान रहता है और तापमान में वृद्धि के साथ वक्र चौड़ा हो जाता है और दाईं ओर शिफ्ट हो जाता है।

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546 K ताप पर एक हाइड्रोकार्बन के अपघटन में वेग स्थिरांक 2.418 × 10−5 s−1 है। यदि सक्रियण ऊर्जा 179.9 kJ mol−1 हो तो पूर्व-घातांकी गुणन का मान क्या होगा?
हाइड्रोकार्बन का विघटन निम्न समीकरण के अनुसार होता है। Ea की गणना कीजिए।
k = `(4.5 xx 10^11 "s"^-1) "e"^(-28000 "K"//"T")`
उत्प्रेरक परिवर्तित करते हैं-
निम्नलिखित अरेनियस समीकरण पर विचार कीजिए और सही विकल्प पर निशान लगाइए।
κ = `"Ae"^(-"E"_"a"//"RT")`
निम्नलिखित में से कौन-सा ग्राफ ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया को प्रदर्शित करता है-
(क)

(ख)

(ग)

यौगिक 'A' और 'B' निम्नलिखित रासायनिक समीकरण के अनुसार अभिक्रिया करते हैं।
\[\ce{A(g) + 2B(g) -> 2C(g)}\]
किसी एक अभिक्रियक की सांद्रता स्थिर रखते हुए 'A' अथवा 'B' की सांद्रता में परिवर्तन किया गया और वेग को प्रारंभिक संद्रता के कारक के रूप में मापा गया। निम्नलिखित परिणाम प्राप्त हुए। इस अभिक्रिया के वेग समीकरण के लिए सही विकल्प चुनिए।
| प्रयोग | [A] की प्रारंभिक सांद्रता/mol L-1 |
[B] की प्रारंभिक सांद्रता/mol L-1 |
[C] के बनने की प्रारंभिक दर/mol L-1 s-1 |
| 1. | 0.30 | 0.30 | 0.10 |
| 2. | 0.30 | 0.60 | 0.40 |
| 3. | 0.60 | 0.30 | 0.20 |
अभिक्रिया A ⇌ B पर विचार कीजिए। अभिक्रियकों तथा उत्पादों दोनों ही की सांद्रता 'समय' के साथ चरघातांक से बढती है। निम्नलिखित में से कौन-सा चित्र अभिक्रियकों और उत्पादों की सांद्रता में समय के साथ परिवर्तन की सही व्याख्या करता है?
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अरेनियस समीकरण के अनुसार है?
- ताप में वृद्धि के साथ अभिक्रिया का वेग बढता है।
- सक्रियण ऊर्जा में कमी के साथ अभिक्रिया का वेग बढ़ता है।
- ताप में वृद्धि के साथ वेग स्थिरांक में चरघतांकी कमी होती है।
- सक्रियण ऊर्जा में कमी से अभिक्रिया का वेग घटता है।
अभिक्रिया में अणुओं के बहुत बड़े अंश की ऊर्जा देहली ऊर्जा से अधिक है फिर भी अभिक्रिया वेग बहुत कम है, ऐसा क्यों है?
ताप में वृद्ध से अभिक्रिया वेग क्यों बढ़ता है?
