Advertisements
Advertisements
Question
ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसमें AC = BC है। AD और BE क्रमश : BC और AC पर शीर्षलंब हैं। सिद्ध कीजिए कि AE = BD है।
Advertisements
Solution
दिया गया है - ΔABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें AC = BC है।
साथ ही, AD और BE क्रमशः BC और AC भुजाओं पर दो शीर्षलंब हैं।

सिद्ध करना है - AE = BD
प्रमाण - ΔABC में,
AC = BC ...[दिया गया है।]
∠ABC = ∠CAB ...[समान भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं।]
अर्थात्, ∠ABD = ∠EAB ...(i)
ΔAEB और ΔBDA में,
∠AEB = ∠ADB = 90° ...[दिया गया है, AD ⊥ BC और BE ⊥ AC]
∠EAB = ∠ABD ...[समीकरण (i) से]
और AB = AB ...[उभयनिष्ठ भुजा]
∴ ΔAEB ≅ ΔBDA ...[AAS सर्वांगसमता नियम द्वारा]
⇒ AE = BD ...[CPCT द्वारा]
अतः सिद्ध हुआ।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
एक समकोण त्रिभुज ABC में, जिसमें कोण C समकोण है, M कर्ण AB का मध्य-बिंदु है। C को M से मिलाकर D तक इस प्रकार बढ़ाया गया है कि DM = CM है। बिंदु D को बिंदु B से मिला दिया जाता है (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि:
- △AMC ≌ △BMD
- ∠DBC एक समकोण है।
- △DBC ≌ △ACB
- CM = `1/2` AB

क्या भुजाओं की लंबाइयाँ 4 cm, 3 cm और 7 cm लेकर किसी त्रिभुज की रचना की जा सकती है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
यदि ∆PQR ≅ ∆EDF है, तो क्या यह कहना सत्य है कि PR = EF है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
क्या भुजाओं की लंबाइयाँ 9 cm, 7 cm और 17 cm लेकर किसी त्रिभुज की रचना की जा सकती है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
निम्नलिखित आकृति में, l || m है तथा M रेखाखंड AB का मध्य-बिंदु है। दर्शाइए कि M किसी भी रेखाखंड CD का मध्य-बिंदु है जिसके अंत:बिंदु क्रमश : l और m पर स्थित है।

ABC एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें AB = AC है। ∠A का समद्विभाजक BC से D पर मिलता है। सिद्ध कीजिए कि BC = 2AD है।
दर्शाइए कि एक चतुर्भुज ABCD में, AB + BC + CD + DA > AC + BD होता है।
दो रेखाएँ l और m बिंदु O पर प्रतिच्छेद करती हैं तथा P बिंदु O से होकर जाने वाली रेखा n पर स्थित कोई बिंदु इस प्रकार है कि P रेखाओं l और m से समदूरस्थ है। सिद्ध कीजिए कि n रेखाओं l और m के बीच बनने वाले कोण का समद्विभाजक है।
ABCD एक चतुर्भुज इस प्रकार है कि विकर्ण AC दोनों कोणों A और C का समद्विभाजक है। सिद्ध कीजिए कि AB = AD और CB = CD है।
