English

AB = AC वाले एक ∆ABC की भुजा, AC पर D कोई बिंदु स्थित है। दर्शाइए कि CD < BD है। - Mathematics (गणित)

Advertisements
Advertisements

Question

AB = AC वाले एक ∆ABC की भुजा, AC पर D कोई बिंदु स्थित है। दर्शाइए कि CD < BD है।

Sum
Advertisements

Solution

त्रिभुज ABC में दिया गया है, D भुजा AC पर कोई बिंदु इस प्रकार है कि AB = AC है।


सिद्ध करना है कि CD < BD या BD > CD

सिद्ध करने के लिए - AC = AB  ...[दिया गया है।]

∠ABC = ∠ACB   ...(i) [समान भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं।]

त्रिभुज ABC और त्रिभुज DBC में,

∠ABC > ∠DBC  ...[∠DBC, ∠B का आंतरिक कोण है।]

∠ACB > ∠DBC  ...[समीकरण (i) से]

BD > CD  ...[बड़े कोण की सम्मुख भुजा बड़ी होती है।]

CD < BD

shaalaa.com
त्रिभुजों की सर्वांगसमता के लिए कुछ और कसौटियाँ
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 7: त्रिभुज - प्रश्नावली 7.3 [Page 67]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Mathematics [Hindi] Class 9
Chapter 7 त्रिभुज
प्रश्नावली 7.3 | Q 7. | Page 67

RELATED QUESTIONS

एक रेखाखंड AB पर AD और BC दो बराबर लंब रेखाखंड हैं (देखिए आकृति)। दशाईए कि CD, रेखाखंड AB को समद्विभाजित करता है।


ABC एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें ∠A = 90° और AB = AC है। ∠B और ∠C ज्ञात कीजिए।


एक त्रिभुज ABC की दो भुजाएँ AB और BC तथा माध्यिका AM क्रमशः एक दूसरे त्रिभुज की भुजाओं PQ और QR तथा माध्यिका PN के बराबर है (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि:
  1. ∆ABM ≅ ∆PQN
  2. ∆ABC ≅ ∆PQR


क्या भुजाओं की लंबाइयाँ 8 cm, 7 cm और 4 cm लेकर किसी त्रिभुज की रचना की जा सकती है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।


AB = AC वाले एक समद्विबाहु त्रिभुज के कोणों B और C के समद्विभाजक परस्पर O पर प्रतिच्छेद करते हैं। दर्शाइए कि ∠ABC के आसन्न एक बहिष्कोण ∠BOC के बराबर हैं।


एक समतल दर्पण LM के सम्मुख स्थित बिंदु A पर रखी किसी वस्तु का प्रतिबिम्ब एक प्रेक्षक D से बिंदु B पर देखता है, जैसा कि निम्नलिखित आकृति में दर्शाया गया है। सिद्ध कीजिए कि यह प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर है जितनी दूरी पर वह वस्तु दर्पण के सम्मुख है।

[संकेत : CN दर्पण पर अभिलंब है। साथ ही, आपतन कोण = परावर्तन कोण।]


AB = AC वाला ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है तथा D भुजा BC पर इस प्रकार स्थित है कि AD ⊥ BC है। (आकृति)। ∠BAD = ∠CAD सिद्ध करने के लिए, किसी विद्यार्थी ने निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई :


∆ABD और ∆ACD में,

AB = AC (दिया है)

∠B = ∠C  (क्योंकि AB = AC)

तथा ∠ADB = ∠ADC (प्रत्येक 90°)

अतः, ∆ABD ≅ ∆ACD (AAS)

इसलिए, ∠BAD = ∠CAD (CPCT)

उपरोक्त तर्कणों में क्या कमी है?

[संकेत : याद कीजिए कि जब AB = AC हो, तो ∠B = ∠C को कैसे सिद्ध किया जाता है।]


ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसमें AC = BC है। AD और BE क्रमश : BC और AC पर शीर्षलंब हैं। सिद्ध कीजिए कि AE = BD है।


दो रेखाएँ l और m बिंदु O पर प्रतिच्छेद करती हैं तथा P बिंदु O से होकर जाने वाली रेखा n पर स्थित कोई बिंदु इस प्रकार है कि P रेखाओं l और m से समदूरस्थ है। सिद्ध कीजिए कि n रेखाओं l और m के बीच बनने वाले कोण का समद्विभाजक है।


एक समलंब ABCD की क्रमशः समांतर भुजाओं AB और DC के मध्य-बिंदुओं M और N को मिलाने वाला रेखाखंड दोनों भुजाओं AB और DC पर लंब है। सिद्ध कीजिए कि AD = BC है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×