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प्रश्न
सिद्ध कीजिए कि (A–1)′ = (A′)–1, जहाँ A एक व्युत्क्रमणीय आव्यूह है।
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उत्तर
क्योंकि A व्युत्क्मणीय आव्यूह है इसलिए |A| ≠ 0
हम जानते हैं कि |A| = |A′|
परंतु |A| ≠ 0
इसलिए |A′| ≠ 0 अर्थात्, A′ भी व्युत्करमणीय आव्यूह है।
हम जानते हैं कि AA–1 = A–1A = I
दोनों ओर आव्यूहों का परिवर्तन लेने पर हम पाते हैं
(A–1)′A′ = A′(A–1)′
= (I)′
= I
अत: (A–1)′ आव्यूह A′ का व्युत्क्रम है।
अर्थात् (A′)–1 = (A–1)
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दर्शाइए कि त्रिभुज ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है यदि सारणिक
Δ = `[(1, 1, 1),(1 + cos"A", 1 + cos"B", 1 + cos"C"),(cos^2"A" + cos"A", cos^2"B" + cos"B", cos^2"C" + cos"C")]` = 0
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यदि A एक 3 × 3 कोटि का व्युत्क्रमणीय आव्यूह है तब |A–1 | = ______
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